नहीं रहे शिक्षा जगत के पुरोधा राम सिंहासन बाबू ,क्षेत्र में शोक की लहर।
नहीं रहे शिक्षा जगत के पुरोधा राम सिंहासन बाबू ,क्षेत्र में शोक की लहर।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
महुआ (वैशाली) जिले के महुआ प्रखंड अंतर्गत सिंघाड़ा ग्राम निवासी
शिक्षा जगत व सामाजिक चिंतक 80 वर्षीय राम सिंहासन सिंह अब हम लोगों के बीच नहीं रहे । सिर्फ उनकी कृतित्व और व्यक्तित्व की चर्चा लोग कर भाव विह्वल हो रहे हैं। शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्रों में अपने अमिट पहचान बनाने वाले स्वर्गीय सिंह सरल स्वभाव व्यक्तित्व वाले शख्सियत थे। उनके जाने से समाज के हर वर्ग के लोगों में शोक की लहर है ।सबसे अधिक शिक्षा जगत को क्षति हुई ।वे महुआ क्षेत्र के निरसू नारायण महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पद को भी सुशोभित कर चुके थे। निधन पर जहां उनके चाहने वाले उनके निवास स्थान पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।वही उनके पार्थिव शरीर एन एन महाविद्यालय में लाया गया, वहां पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर नंदकिशोर चौधरी, प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रोफेसर दुखहरण सिंह ,प्रोफेसर शिवशरण सिंह ,प्रोफेसर संजय सिंह सहित शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी इस मौके पर उनके पुत्र प्रोफेसर सरोज कुमार सिंह उर्फ लाला सिंह ने कहा कि हमारे पिताजी के अधूरे सपने को पूरा करने के लिए मुझसे जहां तक बन सकेगा हर संभव पूरा करने का प्रयास करूंगा। महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालय शिक्षा जगत के सभी विद्वतजनों ने उनके पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्र में सभी राजनीतिक पार्टियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिवंगत राम सिंहासन बाबू के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित की।
