आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष के नीचे बनाई खिचड़ी और की पूजा
आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष के नीचे बनाई खिचड़ी और की पूजा
अमला वृक्ष के पास खिचड़ी बनाकर स्वयं प्रसाद के रूप में ग्रहण किया और परिजनों को भी खिलाया, जगह जगह आंवले वृक्ष के पास खिचड़ी बनाने के लिए महिलाओं में रही होड़
महुआ, नवनीत कुमार
अक्षय नवमी पर बुधवार को श्रद्धा और भक्ति लोगों में फूट पड़ी। महिला श्रद्धालुओं ने आंवला वृक्ष के पास खिचड़ी बनाकर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया और परिजनों को भी खिलाया। बताया गया कि इस दिन आमला वृक्ष के पास खिचड़ी बनाकर खाने से आदमी निरोग होता है। गांव में आंवला वृक्ष के पास खिचड़ी बनाने के लिए महिला श्रद्धालुओं में होड़ देखी गई।
आचार्य ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को आमला वृक्ष के पास खिचड़ी बनाकर प्रसाद के रूप में खाने से तन मन निरोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मौके पर आंवला वृक्ष का विधिवत पूजन कर उसकी परिक्रमा की जाती है। महिलाओं ने अमला वृक्ष का विधिवत पूजन कर उसकी परिक्रमा की। फिर जलार्पण कर परिवार, समाज और राष्ट्र को स्वस्थ होने की मन्नत के साथ सबकी खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस बीच श्रद्धालु महिलाओं ने पंडितों से भगवान विष्णु और शंकर के साथ माता लक्ष्मी का कथा श्रवन किया। महिलाओं ने अखंड सुहाग के लिए नाक से लेकर पूरे मांग को सिंदूर से भरा। बताया गया कि अक्षय नवमी को भगवान विष्णु और शंकर का आंवले वृक्ष में वास होता है और वे इसमें कार्तिक पूर्णिमा तक विराजमान रहते हैं। आंवला वृक्ष में सारे गुण गुण विद्यमान रहते हैं। इसके नीचे खिचड़ी बनाने और आंवला की चटनी साथ खाने से आदमी निरोग और स्वस्थ होता है। निरोग और स्वस्थ मन में भगवान वास करते हैं। महुआ में तो यह में यह लोक पर्व श्रद्धा और भक्ति के बीच मनाई गई। पर्व को लेकर खासकर महिलाओं में भक्ति और उत्साह दिखा। यहां मिर्जानगर, फुलवरिया, करताहा, सेहान, सरसई, बखरी, बरियारपुर, कड़ियों, मानपुरा, गोरीगामा, ओस्ती, हरपुर आदि स्थानों पर अक्षय नवमी का त्यौहार धूमधाम और श्रद्धा के बीच में मनाया गया।
