बहुआरा बस स्टेंड के नए संचालक जितेन्द्र कुमार की इलाज के क्रम में पटना के निजी अस्पताल में शुक्रवार की रात हुई मौत
अपराधियों की गोली से गम्भीर रूप से घायल पातेपुर थाना क्षेत्र के बहुआरा गांव निवासी शिवजी राय के पुत्र एवं बहुआरा बस स्टेंड के नए संचालक जितेन्द्र कुमार की इलाज के क्रम में पटना के निजी अस्पताल में शुक्रवार की रात हुई मौत से आक्रोशित लोगों ने महुआ ताजपुर मार्ग को बहुआरा में जाम कर यातायात पुरी तरह ठप कर दिया। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
आक्रोशित लोग आरोपीयों की गिरफ्तारी की मांग मृतक के सवजनों की सुरक्षा, एवं मृतक के पत्नी के नाम से बस स्टेंड को पुनः करने की मांग कर रहे थे। लगभग अठारह घंटे बाद बीडीओ मनोज कुमार राय,सीओ मुन्ना प्रसाद जंदाहा इंस्पेक्टर अभय सिंह, एवं महुआ डीएसपी पुनम केसरी के द्वारा लोगों को उक्त मांगों का आश्वासन दिए जाने के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।
गौरतलब होगा की बीते शनिवार की देर शाम साढ़े आठ बजे के क़रीब अपराधियों ने बस स्टैंड के नए संचालक जितेन्द्र कुमार को उस समय गोली मारकर गम्भीर रूप से घायल कर दिया था जब वह एक परिचित के साथ ही बहुआरा स्थित अपने बस स्टैंड के कार्यलय में बैठे हुए थे दो की संख्या में बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम देकर फरार हो गए थे। घायल बस संचालक को इलाज के लिए हाजीपुर ले जाया गया था जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थित चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया था पटना के निजी अस्पताल में घायल स्टेंड संचालक का इलाज चल रहा था जहां इलाज के क्रम में शुक्रवार की देर शाम उनकी मौत हो गई स्टेंड संचालक की मौत की ख़बर मिलते ही आक्रोशित लोगों ने महुआ ताजपुर रोड को बहुआरा में जाम कर दिया सड़क जाम की सूचना पर दर्जनों की संख्या में पहुंची पातेपुर पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया परंतु आक्रोशित लोग अपराधियों की गिरफ्तारी , मृतक के स्वजनों को सुरक्षा एवं मृतक के पत्नी को पुनः बस स्टैंड देने एवं मौके पर वरिय पुलिस पदाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे सड़क के दोनों छोर पर लगभग छः छः किलोमीटर तक गाड़ीयों की लम्बी कतार लगी हुई थी। घटना को लेकर पुरा बहुआरा चौक पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। शनिवार की दोपहर बाद बीडीओ मनोज कुमार सीओ मुन्ना प्रसाद,जंदाहा इंस्पेक्टर अभय सिंह एवं महुआ डीएसपी पुनम केसरी आदि बहुआरा पहुंच कर स्थानीय बुद्धजीवियों के सहयोग से मृतक के स्वजनों को सुरक्षा, आरोपीयों की गिरफ्तारी एवं पुनः मृतक के पत्नी के नाम से बस स्टैंड का एक्सटेंशन कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराया एवं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है। घटित घटना से गांव में कोहराम मचा हुआ स्वजनों का रो रोकर बुड़ा हाल बना हुआ है।
