डाइबिटीज से बचने के लिए टहलना है ज़रूरी:डॉ दिवाकर तेजस्वी
रिपोर्ट नसीम रब्बानी
पटना: डाइबिटीज तेजी से अपना पांव पसार रही है । भारत डाइबिटीज का हब बन चुका है हर दस में से दो व्यक्ति डाइबिटीज से पीड़ित हो रहे हैं । अगर आंकड़ों की बात करें तो पुरे विश्व में करीब साठ मिलियन लोग डाइबिटीज से पीड़ित हैं । भारत की बात की जाए तो करीब दस करोड़ लोगों को यह बिमारी अपने चपेट मे लिखा चुकी है आने वाले समय में यह आंकड़ा दुगना हो सकता है । खासकर यह बिमारी अब युवाओं को अपने चपेट में ले रही है । अगर समय रहते हम अपने जीवन शैली में सुधार नहीं किए तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी । उक्त बातें आस्था फाऊंडेशन द्वारा विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर आयोजित मेगा डाइबिटीज वाक् को संबोधित करते हुए कहा शहर के मशहूर फिजिशियन डॉ दिवाकर तैजसवी ने कही । डाक्टर प्रवीण कुमार ने कहा कि आज कल डाइबिटीज आम समस्या हो गई है क्योंकि लोगों का खान पान में परिवर्तन सबसे बड़ा कारण है । डा निखिल रंजन चौधरी ने कहा कि जिनको डाइबिटीज है ऊनहै कम से कम एक घंटा जरूर टहलना चाहिए जिससे की उनका डाइबिटीज नियंत्रित रहे क्योंकि अगर आप लगातार टहलता है और समय पर दवा लेते हैं तो डाइबिटीज आपका हमेशा नियंत्रित रहेगा । आस्था फाऊंडेशन की चेयरमैन निक्की सिंह ने कहा कि विश्व मधुमेह दिवस के अफसर पर आयोजित यह मेगा वाक् रैली जेपी प्रतिमा गांधी मैदान से होते हुए लगभग तीन किलोमीटर तक डाक्टरों एवं सैकड़ों लोगों के साथ चलने कि मात्र एक उद्देश्य था आम लोगों को वाक् के प्रति जागरूक करना । क्योंकि वाक् ही एक ऐसा साधन है जिससे आप डाइबिटीज नियंत्रित कर सकते हैं । आस्था फाऊंडेशन द्वारा आयोजित मेगा वाक् फार लाइफ में शहर के कई डाक्टरों के अलावा बहुत सारे लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संजीव कर्ण, डा यु एस प्रसाद, रौशन राज, डा धीरज सिनहा , धनंजय मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
