किसानों को अगर यूरिया नहीं मिलने से बर्बाद हो रही खेती। रिपोर्ट नवनीत कुमार
किसानों को अगर यूरिया नहीं मिलने से बर्बाद हो रही खेती
खुले दुकानों में भी यूरिया और अन्य खाद की ऊंची कीमत वसूल रहे दुकानदार
महुआ, नवनीत कुमार
रसायनिक खाद में इस समय यूरिया की किल्लत किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसकी कमी से किसान अच्छी फसल लेने में विफल साबित हो रहे हैं। यूरिया की कमी होने से उनकी खेतों में लगी पूंजी भी समाप्त हो जाएगी और वे न घर के रहेंगे ना घाट के। बुधवार को भी अन्य दिनों की तरह यहां पंचमुखी चौक के पास बिस्कोमान पर किसान दिनभर यूरिया लेने के लिए पंक्ति में खड़े रहे। जिसमें अधिकतर को मायूसी ही हाथ लगी।
किसान इस समय यूरिया खाद के लिए बिस्कोमान से लेकर पैक्सों और बाजार के दुकानों में चक्कर लगा रहे हैं। जबकि उन्हें यह मिलना मुश्किल हो रहा है। बिस्कोमान पर तो उन्हें एक बोरी यूरिया लेने के लिए सुबह से लेकर शाम तक पंक्ति में खड़ा रहना पड़ता है। वह भी किसी को मिल जाता है तो अधिकतर को वापस ही जाना पड़ता है। इससे किसान परेशान चल रहे हैं। उनका कहना है कि यूरिया की अगर इस तरह किल्लत रही तो वह न घर के रहेंगे ना घाट के। दो वर्ष बाद इस बार खेती करने का मौका मिला तो खाद की कमी से अच्छी फसल लेना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने बताया कि बिस्कोमान से लेकर पैक्सों तक चक्कर लगाते रहे लेकिन उन्हें यूरिया मिलना मुश्किल हुआ। इस समय रबी, आलू, दलहन, तेलहन, तंबाकू आदि की फसल में यूरिया डालना है। किसान उमा सिंह, शंकर सिंह, संजय कुमार, प्रमोद राय, सुरेश राय, सुरेंद्र राय,हरेन्द्र राय, सुनील सिंह, रघुवंश सिंह आदि ने बताया कि फसलों में सिंचाई करने के बाद यूरिया देना महा जरूरी होता है। सिंचाई की गई फसलों में अगर समय से यूरिया नहीं दी गई तो लगाई गई पूंजी भी चली जाएगी। किसान बताते हैं कि उन लोगों के लिए पैक्स बनाया गया लेकिन सुविधा नाम की कोई चीज नही। पैक्स ओपन खाद नहीं मिलने से वे परेशान चल रहे हैं। इधर पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि खाद के लिए अनुज्ञप्ति नहीं मिलने के कारण इसका उठाव नहीं किया जा रहा है। बाजार में 265 वाली यूरिया ऊंची कीमत पर कालाबाजारी में दी जा रही है। किसान बताते हैं कि वह फसलों में सिंचाई करने के बाद यूरिया डालने के लिए मारे फिर रहे हैं। बिस्कोमान पर दिनभर खड़ा रहने के बाद गिने चुने किसान ही बिस्कोमान से यूरिया लेकर जाते हैं। यहां पंचमुखी चौक के पास बिस्कोमान पर यूरिया लेने के लिए अब तो महिला किसानों की भी लंबी तादाद होने लगी है जिससे आपाधापी की स्थिति बनी रहती है। किसानों को अगर यहां एक बोरी यूरिया मिल जाती है तो उन्हें लगता है कि जीवन मिल गई। अगर इस तरह यूरिया की किल्लत रही तो किसान अच्छी फसल लेने से वंचित रह जाएंगे। इस ओर विभागीय पदाधिकारी का कोई ध्यान नहीं होना एक विडंबना है।
