गोरौल प्रखंड क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है खाद का काला बाजारी।
गोरौल वैशाली से जाहिद वारसी की रिपोर्ट।
गोरौल प्रखंड क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है खाद का काला बाजारी।
प्रखंड में धड़ल्ले से हो रहे रसायनिक खाद की कालाबजारी से किसान परेशान हो रहे है. क्षेत्र की हालत यह है कि कोई भी रसायनिक खाद उचित मूल्य पर नही मिल रहा है. क्षेत्र के सोन्धो,गोरौल चौक, बेलवर हाट ,अंधारी गाछी सहित अन्य चौक पर धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रहा है. अभी गेहूं, तेलहन के अलावे तम्बाकू की फसल का समय है. किसान गेहू में पानी पटवन कर रहे है. पटवन के बाद उन्हें यूरिया की आवश्यकता पड़ती है,जो अभी उचित मूल्य पर नही मिल रहा है. किसान राम प्रीत राय, भरत सिंह,मच्छु सिंह ,जनार्दन पण्डित ,संजय साह, मो इसराइल, गोपाल साह सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि यूरिया 500 रुपये प्रति बैग बिक रहा है. हम किसान क्या करे . फसलो में यूरिया देना पड़ता है. इसलिये हमलोग कालाबाजारी में खरीद रहे है. किसानों ने बताया कि प्रखंड कृषि कार्यालय के निकट चौक के पर दुकान में खाद बीज के दुकानदार 500-600 रुपये प्रति बैग यूरिया, डीएपी 1600 से 1700 प्रति बैग खुलेआम बेचा जा रहा है. वही एक दुकान तो कृषि पदाधिकारी के कार्यालय के प्रांगण में ही है. वहा तो और कलाबाजियों का बोलबाला है. वही श्याम किशोर भक्त , राजू सिंह ,संजय कुमार ने बताया कि यदि आपको यूरिया लेना है तो पांच सौ रुपया देना होगा उसके वाद दुकानदार अपने दूसरे गोदामो से यूरिया मंगाकर आपको देंगे. यदि दाम में मोलजोल करेगे तो दुकानदार बाहर का रास्ता दिखा देगा. सभी दुकानदार अलग गोदाम रखे हुय है.
प्रखंड कृषि पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि यूरिया कालाबाजारी के आरोप में, आंधारीगाछी चौक पर एक दुकान को सील किया गया है. अन्य के विरुद्ध भी करवाई किया जा रहा है.
