मुख्यमंत्री के सम्भावित यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी हरकत में ।
गोरौल वैशाली जाहिद वारसी की रिपोर्ट ।
मुख्यमंत्री के सम्भावित यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी हरकत में ।
अगर इसी तरह सर्वेक्षण सभी गांवों में घूम कर गरीब गुरबों किसानों की खोज खबर पहले से अधिकारी लेते रहते तो आज गोरौल में मुख्यमंत्री के सभावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन को अपने आप को अपडेट करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती । स्थानीय प्रशासन को लग रहा है कि यदि मुख्यमंत्री इधर आते है और एन एच 22 के किनारे बसे बसे गांव दलित टोला को देखेंगे तो सरकार द्वारा विकास के दावे की पोल खुल जायेगी । अपर समाहर्ता विनोद कुमार , अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साजीद अली, एसडीओ संदीप कुमार, बीडीओ उदय कुमार , सीओ ब्रजेश कुमार पाटिल, थाना अध्यक्ष संजीव कुमार, एनएच के सटे गावों में जाकर लोगों की समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं । लोगों में चर्चा होने लगी है कि ये अधिकारी कभी भी हमलोगों की सुधि तक नहीं ली , और अब क्या बात है कि ये सभी अधिकारी लोग एकाएक रात दिन हमलोगों के घर पर पहुंचकर समझा बुझा रहे हैं और हम लोगों की समस्या सुन रहे हैं। एनएच के सटे मुस्तफापुर हरशेर गांव के दलित टोला निवासी महेश राम, राम चन्द्र राम, मीना देवी, अजय राम,नरेश राम , वासदेव, गणेश राम ठगा महतो ने बताया कि हमलोगों को किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं मिला । हम गरीबों को पूछने बाला कोई नहीं । आज अपनी इज्जत बचाने में ये अधिकारी लगे हैं । हमलोग आज भी खुले में शौच के लिये जाने को मजबूर हैं । सरकार के महत्वकांक्षी योजना नलजल की सुविधा भी नहीं है । क्षेत्र में बहुत सी जगहों पर आज तक एक बूंद पानी लोगों को नसीब नहीं हुआ है, वहीं हरशेर गांव में 3 नम्बर वार्ड में 6 महिने से एक बुंद पानी के लिए तरस रही है ।
वहीं कुछ लोग पेंशन योजना से अभी तक वंचित हैं, पेंशन योजना की तो जानकारी भी इनलोगों को नहीं है । सवाल है कि आखिर विकास योजनाओं पर करोड़ो रूपये खर्च के वाद भी यह दलित बस्ती विकास की रोशनी से कोशो दूर क्यों है, वहीं अल्पसंख्यकों के कल्याणकारी योजनाओं को लेकर सर्वेक्षण किया गया है।
