मृतप्राय शिशु का डॉक्टर ने बचाई जान
मृतप्राय शिशु का डॉक्टर ने बचाई जान
महुआ के एक निजी हॉस्पिटल में डॉक्टर मनोज और डॉक्टर मंदाकिनी ने दिया शिशु को जीवनदान
महुआ। नवनीत कुमार
आप यह सुनकर हैरान हो जाएंगे कि मृतप्राय शिशु को डॉक्टर द्वारा जीवन दान दिया गया। हां लेकिन यह पूरी तरह सच है। महुआ के एक निजी अस्पताल में एक मृतप्राय शिशु को अस्पताल के चिकित्सक द्वारा उसे जीवनदान दिया गया है। जब शिशु पूरी तरह से स्वस्थ कराकर डॉक्टर ने जब उसे घरवालों को सौंपा तो उन्हें खुशी से आंसू छलक आए।
यह वाक्या है महुआ के एमएम हॉस्पिटल की। महुआ के ही एक निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान शिशु का जन्म हुआ था जो पूरी तरह से मृतप्राय था। नवजात शिशु से घरवाले तो पूरी तरह हाथ धो बैठे थे। हालांकि वे उसे महुआ के एमएम चाइल्ड केयर सेंटर पर ले गए। जहां डॉ मनोज और डॉ मंदाकिनी ने उसे देखा। बच्चा की हालत पूरी तरह नाजुक थी। सांस बंद होने के कगार पर था। हालांकि डॉक्टर ने रिस्क लिया और स्वयं को कर्म कर फल की चिंता ऊपर वालों पर छोड़ा। जिस नवजात शिशु की उम्मीद लोग छोर बैठे थे। उसे चाइल्ड केयर के संचालक द्वारा नया जीवन दिया गया और शनिवार को उन्होंने बच्चा को अस्पताल से घरवालों को सुपुर्द किया। यहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज के चर्चा हर लोगों के जुबान पर हैं।
