शीतलहर और कनकनी में गरीबों के लिए अलाव ही सहारा
शीतलहर और कनकनी में गरीबों के लिए अलाव ही सहारा
महुआ। नवनीत कुमार
मौसम का मिजाज बदलने से ठंड और कंपनी बढ़ गई है। लोग शीतलहर के चपेट में है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से न तो नगर परिषद के किसी चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है और ना ही ग्रामीण इलाकों में। इस कड़ाके की ठंड में लोग अपने स्तर से अलाव जलाकर ठंड से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं।
गुरुवार को महुआ नगर परिषद के लोगों ने बताया कि कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चपेट में जाने के बावजूद कहीं भी प्रशासनिक स्तर पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। यहां नगर परिषद के गांधी स्मारक चौक से लेकर बच्चन शर्मा स्मारक, थाना चौक, गोला रोड, पातेपुर रोड, समस्तीपुर रोड, पीएचसी द्वार, अनुमंडल कार्यालय द्वार, स्टैंड, जवाहर चौक, पुराना बाजार, मंगरू चौक, पंचमुखी चौक, फूदेनी चौक सहित विभिन्न जगहों पर लोगों का जमावड़ा होता है। फिर कही भी अलाव की व्यवस्था नहीं किया जाना प्रशासन के लिए यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा है। जवाहर चौक पर अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे संजय गुप्ता, मनोज कुमार, सुरेश, अमरजीत, नरेश, बबलू आदि ने बताया कि कई दिनों से प्रशासन की राह ताककर अपने स्तर से अलाव जलाया है। महुआ बाजार से विभिन्न स्थानों के लिए राजगीर आते जाते हैं। फिर भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। यहां अलाव की व्यवस्था नहीं होने से गरीब मजदूर, रिक्शावाले, ठेलावाले, खोमचेवाले, रेहड़ीवाले, फुटपाथ दुकानदार, राहगीर, आमजन आदि को परेशानी हो रही है। गांव गिराव में लोग पत्ते, कूड़े, कचरे या अपने स्तर से अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। गांव में तो इस समय सभी लोगों के लिए अलाव ही बड़ी सहारा है।
