हाजी याकूब अंसारी सैंकरो की संख्या में नम आंखों के साथ सुपुर्द ए खाक
हाजी याकूब अंसारी सैंकरो की संख्या में नम आंखों के साथ सुपुर्द ए खाक
वैशाली महुआ प्रखंड अंतर्गत ग्राम चकवाली निवासी हाजी याकूब अंसारी गत दिनों 85 वर्ष की आयु में जीवन की आखरी डोर तोड़ दी । ” इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेउन ” ज्ञात हो कि स्वर्गीय हाजी याकूब अंसारी साहब की जनाजे की नमाज अबाई ग्राम चकवाली में हुई जिनकी जनाजे की नमाज हाजी साहब के पुत्र मौलाना हाफिज मोहम्मद इम्तियाज आलम अशरफी ने पढ़ाई और चकवली के कब्रिस्तान में मदफून हुए मालूम हो कि हाजी याकूब साहब एक अच्छे प्रोफेसर के साथ समाजी , क़ौमी , मिलली सेवक भी थे । खाक सारी, मिलन सारी उन की जिंदगी में शामिल थी अपने जीवन को हाजी याकूब अंसारी आखरी हिस्सा को अल्लाह के के रजा के लिए लगा दिए थे यूं कहिए कि गोशा नशीं होगये थे और अल्लाह की इबादत में लगे रहते थे ।
जनाजे में काजी ए शहर वैशाली मुफ्ती अली रजा साहब, अब्दुल्ला इमामी, मौलाना अब्दुल अली,हसरत बरकाती, मास्टर मोहम्मद दिलशेर, मास्टर मोहम्मद आशिक, कारी शमशाद, मुन्ना अंसारी, मास्टर मोहम्मद मजहर , डाक्टर इफ्तेखार आलम समेत भारी संख्या में लोग जनाजा की नमाज में शामिल हुए।
