April 19, 2026

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26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के 150 राजस्व ग्रामों में आशा करेंगी कालाजार मरीजों की खोज

26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के 150 राजस्व ग्रामों में आशा करेंगी कालाजार मरीजों की खोज

– कालाजार मरीजों की पहचान को जिले में चलेगा घर -घर खोज अभियान
– अभियान के पूर्व आशा, आशा फैसिलिटेटर का होगा भीवीडीएस द्वारा प्रशिक्षण

मोतिहारी, 14 जून। जिले के कालाजार प्रभावित 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के 150 राजस्व ग्रामों में आशा कार्यकर्त्ता द्वारा कालाजार मरीज़ों की खोज अभियान चलाया जाएगा। ताकि घर घर रोगी खोज कार्यक्रम गुणवत्ता पूर्वक सफल हो सके। ये बातें जिले के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चंद्र शर्मा ने कही। उन्होंने बताया क्षेत्र भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता 15 दिन या इससे अधिक समय से बुखार पीड़ित वैसे मरीज जिनका बुखार मलेरिया व एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन के बावजूद ठीक नहीं हुआ हो वैसे लोगों को कालाजार बीमारी से संबंधित आरके-39 किट के द्वारा जांच कराने के लिए प्रेरित करने का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि अभियान के पूर्व आशा, आशा फैसिलिटेटर का 15 से 17 जून तक भीबीडीएस व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा प्रशिक्षण कराया जाएगा। इस सम्बन्ध में जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया गया है।

चलाया जाएगा जागरूकता अभियान:

अभियान में प्रचार प्रसार के लिए माइकिंग, बैनर पोस्टर के साथ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ताकि कालाजार के लक्षण वाले मरीजों की सरकारी अस्पतालों में जाँच, इलाज के बारे में जानकारी हो और कालाजार का उन्मूलन हो। डॉ शर्मा ने बताया कि भीएल का इलाज चकिया, मधुबन, सदर अस्पताल में किया जाता है। वहीं पीकेडीएल की जाँच की सुविधा जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है। वहीं पीकेडीएल के मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाता है।

कालाजार के हैं ये प्रमुख लक्षण:

भीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से होता है। उन्होंने बताया कि लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना, वजन में लगातार कमी होना, खून की कमी होना, तिल्ली का बढ़ जाना, दुर्बलता,व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है, प्लीहा में नुकसान होना भी कालाजार के प्रमुख लक्षण है। उन्होंने बताया कि कालाजार से बचाव के लिए समय समय पर दवाओं का छिड़काव कराया जाता है।

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