जंदाहा नगर पंचायत कार्यालय भ्रष्टाचार के दलदल में फंसा।
जंदाहा नगर पंचायत कार्यालय भ्रष्टाचार के दलदल में फंसा।
रिपोर्ट:सूधीर मालाकार
वैशाली !हाजीपुर, जिले के नवनिर्मित नगर पंचायत जंदाहा का गठन विगत महीनों हुई। जिसके लिए कार्यालय कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति भी हुई और शुरुआत में ही लुट खसोट की सिलसिला जारी हो गया। आखिर लूट खसोट क्यों न हो ? जिसके पदाधिकारी ही भ्रष्टाचार के गंगोत्री से नहा कर आए हो। जिनका पिछले कई बार निलंबन एवं वेतन रुकने की प्रक्रिया हो चुकी हो ,वैसे पदाधिकारी से उम्मीद ही क्या की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक जंदाहा नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित दीपक कुमार झा जो कि पूर्व में सीतामढ़ी ,अररिया डुमरा ,फारबिसगंज जैसे नगरों में पदाधिकारी के पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाकर दंडित भी हो चुके हैं। बताया गया कि श्री झा कार्यपालक पदाधिकारी सीतामढ़ी एवं अतिरिक्त प्रभार डुमरा एवं बेलसंड के रहते हुए कोरोना काल में शराब पार्टी का आयोजन किया था ,जिसके आरोप साबित होने पर उन्हें निलंबित किया गया साथ ही साथ वेतन पर रोक लगाई गई। निलंबन हटने के बाद अररिया जिला के फारबिसगंज में कार्यपालक पदाधिकारी बने, वहां भी भारी अनियमितता कारण निलंबित किया गया। निलंबन मुक्त होने के बाद वे वैशाली जिले के जंदाहा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्त हुए । जंदाहा में नियुक्ति के बाद भी अररिया जिला पदाधिकारी के अनुशंसा पत्र के आलोक में बिहार सरकार के अवर सचिव राम सेवक प्रसाद द्वारा अनियमितता की स्पष्टीकरण की मांग की गई है । स्पष्टीकरण न उपलब्ध कराने के स्थिति में पुनः एक बार निलंबन की प्रक्रिया पूर्ण होगी।इनके काले कारनामे कि लंबी सूची है ,ऐसे अधिकारी से विकास और स्वच्छ प्रशासन की उम्मीद नहीं की जा सकती ।सूत्रों ने बताया जब से श्री झा की नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में हुई है, योजनाओं का लूट जारी है ।यदि समय रहते संज्ञान नहीं ली गई तो जंदाहा नगर पंचायत का भी वही हाल होगा ,जो सीतामढ़ी सहित अन्य नगरों की हुई है ।
