धर्म और जातियों में समाज को बाँट कर शासन कर रही है देश व राज्य की मौजूदा सरकारें : अनिल कुमार*
*धर्म और जातियों में समाज को बाँट कर शासन कर रही है देश व राज्य की मौजूदा सरकारें : अनिल कुमार*
*चपकाल से पानी पीने के कारण महादलित परिवार से मारपीट की घटना के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी ने दिया एकदिवसीय धरना*
मुजफ्फरपुर, 20 जुलाई : बहुजन समाज पार्टी मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में जिला मुख्यालय धरना स्थल पर पिछले दिनों साहेबगंज प्रखंड के परसौनी नाथ दुबे गांव के शिवनाथ राम की हत्या मामले में न्याय को लेकर गुरुवार को एक दिवसीय धरना व विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बीएसपी के बिहार प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने कहा कि बिहार की मनुवादी और सामंतवादी सरकार और प्रशासन ने दलित, शोषित, पीड़ित, पिछड़े, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार पर असंवेदनहीन है। हर दिन बिहार में ऐसी घटनाएं हो रही है, जिसपर सरकार और प्रशासन मौन है और अपराधियों के सामने नतमस्तक है।
उन्होंने कहा कि आज साहेबगंज के परसौनी दूबे ग्राम में दलित समाज के शिवनाथ राम जी की हत्या पानी पीने के कारण हो जाती है, बंधुआ मजदूर नहीं बनने के कारण सोनपुर के सैदपुर में पिछड़े समाज के भाई राजा पटेल जी की हत्या हो जाती है, मोतीपुर थानांतर्गत रौशन कुमार और पवन कुमार की हत्या हो जाती है, कांटी थानांतर्गत कलवारी ग्राम में शोभा देवी एवम कंचन कुमार राम को चाकू मार दिया जाता है, वैशाली जिले में राकेश पासवान की हत्या हो जाती है, नालंदा में मुन्ना पासवान की हत्या हो जाती है। लेकिन हमारे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने आपको दलित और पिछड़े का हितैषी बतलाकर अपना पीठ खुद थपथपा रही है।
अनिल कुमार ने कहा कि एक तरफ दलित और पिछड़े समाज के भाईयों की हत्याएं सामंतवादी कर रहे हैं और दूसरी तरफ मुख्य्मंत्री नए कानून बनाकर सामंतवादी आनंद मोहन को रिहा करती है, जिसने दलित जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या कर दी थी। यह कैसी विडंबना है कि हमारे ही वोट से सरकार बनती है और हमें ही न्याय नहीं मिलता है। उन्होंने बताया की धरना प्रदर्शन का मुख्य कारण एक महादलित परिवार को उच्च जाति के चापाकल से पानी पीने को अपराध समझा गया और सामंतवादियो के द्वारा पीट पीट कर हत्या कर दिया। उसके बाद भी उसके सामंतसाही का प्यास नहीं बुझा तो उसके शव पर पेशाव कर दिया। इस जघन्य अपराध के पन्द्रह दिन बीत जाने के बाद भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस जघन्य एवम जाति सूचक हत्या के खिलाफ आज का धरना प्रदर्शन था।
अनिल कुमार ने कहा कि अब “वोट हमारा और राज भी हमारा ” को चरितार्थ करते हुए हम सब को यह लक्ष्य बना लेना है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज की बेटी और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए दिन रात मेहनत करके बिहार से दर्जनों सांसद बहन जी की झोली में दे। तभी हम दलित, शोषित, पीड़ित,पिछड़े, अल्पसंख्यक समाज के लोगों को न्याय मिलेगा, तभी बाबा साहब के द्वारा दिया गया संवैधानिक अधिकार बचेगा और तभी मान्यवर कांशीराम जी सपना पूरा होगा।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बसपा के केंद्रीय प्रदेश प्रभारी लालजी मेधानकर ने कहा कि आज पूरे देश की जो स्थितियां हैं कि हर दिन सामंती और मनुवादी ताकतें दलित, शोषित, पिछड़े, वंचित, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ शोषण कर रही है, हत्या कर रही है, बहनों के साथ बलात्कार हो रहा है। आज बिहार और केंद्र की सरकार लगातार लोगों को धर्म और जातियों में लड़ा रही है। आए दिन बहुजनों का घर उजाड़ा जा रहा है। ऐसी घटनाओं पर सरकारें मौन है।
केंद्रीय प्रदेश प्रभारी ऐडवोकेट सुरेश राव ने कहा कि बिहार की हालत क्या है आज किसी से छुपी है क्या? दलितों पर अत्याचार और उनकी हत्या हर दिन हो रही है और नीतिश कुमार जी कभी भाजपा के साथ तो कभी राजद के साथ मिलकर मनुवादियों और सामंतवादीयो के गोद में बैठकर सरकार चला रहे हैं। और यहां की तो व्यवस्था ऐसी है कि हमारे बहुजन समाज के जिलाधिकारी के सजायाफ्ता हत्यारे को हमारे मुख्यमंत्री कानून में संशोधन कर जेल से रिहा करवाते हैं, और दुनिया को बताते हैं कि हम सुशासन की सरकार चला रहे हैं। देश की जनता आज सत्ता और विपक्ष दोनों से परेशान है। नतीजा यह है कि ये जनता अब एक बार फिर से बाबा साहब के संविधान के साथ देश का नेतृत्व करने वाली पार्टी की ओर देख रही है, जिसके लिए बहुजन समाज पार्टी और बहन मायावती सर्वमान्य विकल्प हैं।
धरना की अध्यक्षता मुज़फ्फरपुर जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार एवं संचालन जिला प्रभारी अहद अली ने किया। धरना को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर महतो, उपाध्यक्ष शकलदेव दास, मुख्य सेक्टर प्रभारी संजय मंडल, कुणाल किशोर विवेक, धर्मेंद्र साहनी, रामलखन्न महतो, रामकिशोर पांडे, महासचिव ललन बैठा, सचिव प्रमोद कुमार निराला, विनोद कुमार, प्रिंस श्रीवास्तव, राजगीर राम संतलाल राम, मालव परिमल चंद्रहसन, सहदेव राम, सत्येन्द्र कुमार सत्यें, हीरालाल खरिया, विजय कुमार सिंह, रामेश्वर बौद्ध, राजकिशोर राम जी ने भी संबोधित किया।
