काम नहीं और लोगों के बीच विभिन्न कार्यों की सुखी दलील देने पर उग्र हुए लोग
काम नहीं और लोगों के बीच विभिन्न कार्यों की सुखी दलील देने पर उग्र हुए लोग
लोगों के तेवर देख जन संवाद कार्यक्रम से निकल भागी पदाधिकारियों की टीम
जिलाधिकारी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर फरियाद सुनाने के लिए जुटी थी अपार भीड़
महुआ, रेणु सिंह
जनसंवाद कार्यक्रम में पदाधिकारी द्वारा विभिन्न कार्य योजना की सूखी दलील देने पर लोगों की भीड़ उग्र हो गई और उनका जोरदार हंगामा हुआ। उनके हंगामा और तेवर को देख पदाधिकारियों की टीम वहां से खिसक गई। यह वाक्या शनिवार को महुआ प्रखंड की फतेहपुर पकड़ी पंचायत अंतर्गत पकड़ी में पंचायत सरकार भवन पर लगाए गए जन संवाद कार्यक्रम की है।
यहां जनसंवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी यशपाल मीणा को आने की सूचना पर उक्त पंचायत ही नहीं बल्कि आसपास के काफी संख्या में फरियादी जुटे थे। इस बीच यहां दरी पर बैठे लोगों के बीच कुर्सी पकड़े पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न कार्य योजना की सुखी दलील दी जाने लगी। यहां जमीनी कार्य से हटे और कागजी खानापूर्ति पर दलील दिए जाने पर लोगों का टेबल चढ़ते गया। संवाद कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का कहना था कि आपूर्ति कार्यालय में भारी घपला हो रहा है। जबकि इस पर किसी पदाधिकारी का ध्यान नहीं है। वही जगह-जगह बिजली के टूटे पोल और जर्जर तार बड़ी घटना को आमंत्रित कर रही है। आवेदन देने के बावजूद पदाधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। गरीबों को आवास नहीं मिल रहा है। वर्षों से वे लोग पीएम आवास की चाह में आस लगाए बैठे हैं। उनके पास पदाधिकारी को हाथ गर्म करने के लिए पैसे नहीं है। नल जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कहीं बोरिंग खराब है तो कहीं पाइप फटी है। कहीं नल लगाए गए तो टोटी गायब है।कही पानी नहीं चलाया जा रहा है। पकड़ी के उमेश सिंह की पत्नी धर्मशिला देवी ने बताया कि उनके पति को भूमि विवाद में फंसा कर जेल भेजवा दिया गया। पकड़ी की फुलझड़ी देवी, सुनीता देवी, उषा देवी आदि कहती है कि आवास नहीं मिली, तो बासो और कई महिलाओं ने बताया कि नल का जल नहीं मिल रहा है। पहाड़पुर के विश्वनाथ राय, इंद्रजीत कुमार आदि ने बताया कि 4 वर्षों से ट्रांसफार्मर लगा पोल टूटा हुआ है। जिससे खतरा की आशंका बनी है। इसी तरह राम इकबाल सिंह, बालेश्वर राय, कमलेश्वर सिंह, जुम्मेदा खातून, योगेंद्र राय आदि बताते हैं कि कुछ भी नहीं बदला। रामनंदन सहनी ने बताया कि अधिकतर काम जमीन पर नहीं दिखता और पदाधिकारी उसे कागज पर कर दिखा देते हैं। जबकि यहां संवाद में पदाधिकारी द्वारा लोगों को लॉलीपॉप दिखाया जा रहा था। इधर पदाधिकारी का कहना है कि संवाद कार्यक्रम में सिर्फ पहले और अब का फीडबैक लिया जा रहा है।
