सेमाल से भरे पोखर और गंदे घाट पर कैसे अर्ध्यदान करेंगी छठ व्रती
सेमाल से भरे पोखर और गंदे घाट पर कैसे अर्ध्यदान करेंगी छठ व्रती
ग्रामीण क्षेत्र के पोखर, तालाब और पइन गंदे, महापर्व की अर्ध्यदान को लेकर व्रतियों में संशय की स्थिति
महुआ। रेणु सिंह
ग्रामीण इलाकों में सभी जलाशय गंदे हैं। जिससे महापर्व छठ कु अर्ध्यदान को लेकर व्रतीयों में संशय की स्थिति बनी हुई है। कही पोखर, तालाब और पइन सेमाल से भरे हैं तो कहीं घाट गंदे हैं। वहीं अधिकतर जलाशयों में जेसीबी से मिट्टी काट दिए जाने के कारण खतरनाक भी बने हुए हैं। जिसके कारण महापर्व करने के लिए व्रतियों को स्थल की तलाश करनी पड़ रही है।
शनिवार को यहां ग्रामीण इलाके के लोगों ने बताया कि सभी पोखर, तालाब और अन्य जलाशय गंदे बने हुए हैं। उसके साफ-सफाई नहीं की जा रही है। कन्हौली बजाल की पोखर में तो सेमाल भरे हुए हैं। इसके पानी इतने गंदे हैं कि इसमें अर्ध्यदान करना व्लतियों के लिए परेशानियों का सबब होगा। बाजार के प्रभात कुमार, अवधेश कुमार, अजीत कुमार, नीलू कुमारी, सुनीता कुमारी, प्रतिभा कुमारी, संजू देवी, नेहा देवी आदि ने बताया कि पोखर का पानी इतना गंदा है कि इसमें खड़ा होकर छठ व्रत का अर्ध्य देना उनके लिए परेशानियों का सबब बनेगा। इस गंदे पानी में खड़ा होने पर चर्म रोग होने का डर है। वही पोखर के सभी घाट शौच व लघुशंका किए जाने, कूड़े कचरे भरे होने से गंदे हैं। पूर्व में यहां कई गांव के लोग अर्ध्य देने आते थे, जो गंदे पोखर होने के कारण लोगों को अपने घर पर ही अर्ध्यदान की रस्म अदाएगी करनी पड़ती है। इस पोखर के घाटों की सफाई पर किसी का ध्यान नहीं है।
