बिना दहेज शादी करके मो सहीम अंसारी ने कायम की मिसाल
*बिना दहेज शादी करके मो सहीम अंसारी ने कायम की मिसाल*
रिपोर्ट :शालू दिलशेर
महनार (वैशाली) वैशाली जिला के महनार प्रखंड के खरजम्मा वार्ड 1 निवासी मोहम्मद फहीम अंसारी साहब के साहबजादे मो सहीम अंसारी हमराह गुलनाज खातून इब्ने मो तजम्मिल अंसारी ग्राम खतरीचक कन्हौली पो महुआ जिला वैशाली रिश्त ए अजदवाज से मुंसलिक हो गए। निकाह दिनांक 16.11.2023 को देर रात मे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। निकाह दो गवाहों के उपस्थित में हाजिर ए मजलिस के सामने हाफिज व कारी शमसुज जोहा साहब ने पढ़ाया। दुल्हा के बहनोई मोहम्मद चाँद साहब ने कहा की विवाह किसी भी धर्म में अटूट रिश्ता को कहते हैं।
समाज में इस बंधन को पवित्र बंधन माना जाता है ।इसलिए कि यह बंधन जन्म जन्म तक का होता है। इसलिए इस बंधन को श्रद्धा पूर्वक शांति के माहौल में करना चाहिए। इस शादी समारोह में उपस्थित दुल्हन गुलनाज खातून के पिता और रिश्तेदार ने सामूहिक रूप से कहा की दुल्हा मो सहीम अंसारी ने बिना दहेज की शादी करके एक मिसाल कायम किया है। मो सहीम अंसारी ने दहेज़ कुप्रथा पर चोट किया है।दहेज प्रथा के चलन को समाप्त करने के लिए सबसे पहले शिक्षित और धनी लोगों को अपने घर से प्रारंभ करना होगा। दहेज प्रथा समाज की सबसे बड़ी बुराई है। इस बज्म ए निकाह में, मोहम्मद शकील , मो चांद, मो मंज़ूर, मो शमीम, मो तौसीफ अली, मो फारूक, मो नौशाद, मो इलताफ, मो इम्तेयाज, मो असफाक, मो फिरोज , मो सद्दाम, मो रफीउद्दीन, मो आबिद, मो दिलदार, मो इस्तेयक,मोहम्मद अरशद, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद अरमान, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद साहेब ,मोहम्मद दिलदार , , मामा मोहम्मद शकील, मोहम्मद याकूब, मो रियाज, मोहम्मद इरफान, मास्टर मो आशिक, मास्टर मो दिलशेर, मो हलिम, मो समशाद समेत दोस्त रिश्तेदार अन्य गणमान्य लोगों ने शिरकत की और दूल्हा दुल्हन को दुआओं से नवाजा और शादी की मुबारकबाद पेश किया।
