मकर संक्रांति के चुरा दही भोजन के साथ ही भगवान सूर्य उत्तरायण हो गये और खरमास का माह भी समाप्त हो गया
मकर संक्रांति के चुरा दही भोजन के साथ ही भगवान सूर्य उत्तरायण हो गये और खरमास का माह भी समाप्त हो गया.
आज से सभी मांगलिक कार्य भी शुरू हो जायेगे.
शादी व्याह देखा सुनी भी प्रारम्भ हो गया है.
अब क्षेत्रो में एक बार फिर शहनाईयों की गूंज सुनाई देगी साथ ही बाजार में तेजी आएगी,
यह मकर संक्रांति पर्व के साथ साथ जो अभी क़ुबारे है और शादी की आस लगाये है उनके लिये एक नई आसा की किरण
यह पर्व लेकर आती है क्योंकि इस पर्व के साथ ही शादी ब्याह का लग्न भी शुरू हो जाता है .
और खरमास के लिए जिनका शादी ब्याह रुका हुआ था उनकी क्या हालत थी यह कहने की आवश्यकता नही है
