बिहार के चर्चित वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार श्रीवास्तव का पटना में निधन
बिहार के चर्चित वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार श्रीवास्तव का पटना में निधन
सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर बिहार के अध्यक्ष शशि भूषण कुमार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हमलोगों ने पत्रकारिता जगत के एक सच्चे साथी को खो दिया है
वरिष्ठ पत्रकार, जेपी आंदोलन के सक्रिय साथी अरुण कुमार श्रीवास्तव नहीं रहे। आज सुबह हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। वे पटना के कंकड़बाग स्थित साईं हॉस्पिटल में भर्ती थे। वे करीब एक वर्ष से कोमा में थे। डॉक्टर सहजानंद के यहां स्टोन निकलवाने के दौरान वे कोमा में चले गए थे। उनके इलाज के लिए क्राउड फंडिंग के सहारे धन जुटाने की कोशिश भी हुई थी। विधायक और मेरे मित्र ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग से भी अनुदान मिला था। लेकिन यह सब नाकाफी था। घर -परिवार के लोगों ने भी बहुत मदद की थी। उनकी बेटियों ने अपने पिता की जान बचाने के लिए कोई कोशिश नहीं छोड़ी। रात -दिन एक कर दिया था। साईं हॉस्पिटल के प्रबंधन ने भी बहुत मदद की।
कोमा में जाने के पूर्व तक अरुण जी देशप्राण अखबार में कार्यरत थे। इसके पूर्व दैनिक जागरण में उन्होंने काफी लम्बे समय तक काम किया था। कशिश न्यूज चैनल और प्रभात खबर में भी उन्होंने अपनी सेवा दी थी। देशप्राण हालांकि छोटा अखबार है लेकिन उसके मालिक पूर्व सांसद आरके सिन्हा ने बड़ा दिल दिखाया। अरुण जी के कोमा में रहने के बावजूद अंतिम समय तक उनका वेतन दिया जाता रहा। इसके अतिरिक्त उनके इलाज के लिए अलग से भी आर्थिक सहायता दी गई। एक तरफ ऐसा उदहारण है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सचिवालय का निराशाजनक रवैया तकलीफदेह है। पत्रकार संघ द्व्रारा अरुण जी के समुचित इलाज के लिए मुख्यमंत्री को आवदेन दिया गया था लेकिन मदद मिलना तो दूर कोई जवाब देना भी उन्होंने मुनासिब नहीं समझा।
परिवार की सारी जमा पूंजी इलाज में लग गई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और आज अरुण जी हम सब को छोड़कर चले गए। परिवार में वे अकेले कमानेवाले थे। अब परिवार का गुजर -बसर और बेटियों की शादी एक बड़ी समस्या है। एक आम आदमी की जिंदगी की यही त्रासदी है।
अरुण जी को श्रद्धांजलि, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और उनके परिवार को संबल दें।
