संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती मनाई गई।
संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती मनाई गई।
गोरौल प्रखंड स्थित आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलवरघाट में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती धूमधाम से मनायी गयी। इस अवसर पर सर्वप्रथम विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार शरण ने संत रविदास जी के तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात सभी शिक्षकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम का संचालन गणित शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने किया । अपने संबोधन में श्री शरण ने कहा कि गुरु रविदास जी मध्यकाल में एक भारतीय संत कवि सतगुरु थे । इन्हें संत शिरोमणि सतगुरु की उपाधि दी गई । इन्होंने रविदासिया पंत की स्थापना की और उनके रचे हुए कुछ भजन सिख लोगों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब में भी शामिल है । हमें उनके विचारों से सीख लेने की जरूरत है। इनके पिता एक मोची का काम किया करते थे तथा इस कार्य में संत रविदास अपने पिता की मदद किया करते थे। धीरे-धीरे इन्होंने अपने कार्यों से लोगों को प्रभावित करना शुरू किया बाद में चलकर इन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी गई । इस अवसर पर शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने कहा कि भारत भूमि को युगों युगों से अनेकों साधु- संत पीर फकीर ने जन्म से लेकर कृतार्थ किया है ।
जिन सब में एक संत रविदास हैं। इन्होंने अपने मन , कर्म तथा वचनों से समाज में पहले कुरीतियों, जातिवाद, बड़े छोटे का भेदभाव को मिटाया । यह एक समाज सुधारक तथा मनुष्य के देह में जन्मे ईश्वर के अवतार थे । यह महाकवि कबीरदास के समकालीन कवि हैं।उनकी ख्याति भारत में नहीं अपितु विश्व विख्यात है। इस अवसर पर लोगों ने भजन के माध्यम से भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने चली जा रही है उमर धीरे-धीरे… तथा विद्यालय के संगीत शिक्षक अजीत कुमार ने रविदास जी के भजन प्रभु जी तुम चंदन हम पानी को प्रस्तुत किया। विद्यालय की छात्रा निशा एवं महिमा ने कभी राम बनके कभी श्याम बनके भजन पर खूब तालियां बटोरी । इस अवसर पर नीतू कुमारी, राकेश कुमार, उमेश कुमार, रामबाबू राम ,राहुल कुमार चौधरी ,पूर्णिमा ,मोहम्मद जमालुद्दीन, सुषमा कुमारी ,पंकज कुमार ,मोहन सिंह,सरोज कुमार सिंह, जय शंकर कुमार, टुनटुन कुमार उपस्थित रहे।
