खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रशिक्षण देकर लोगो को योजनाओं से जुड़कर उद्योग लगाने की दी जानकारी
खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रशिक्षण देकर लोगो को योजनाओं से जुड़कर उद्योग लगाने की दी जानकारी
-65 प्रकार के लघु उद्योग के लिए 10 लाख रुपए तक मिलेगा ऋण।
राहुल गुप्ता, ब्यूरो,हाजीपुर वैशाली ।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के क्षमता अभिवृद्धि केंद्र ललित भवन पटना द्वारा राजगीर के नालंदा में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।आयोजित कार्यशाला में उपस्थित लोगो को पीएमएफएमई योजना से जुड़कर अपना उद्यम स्थापित करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीतीन कुमार के नेतृत्व में हुआ। युवा पेशेवर रश्मि किशोरी ने योजना का लाभ लेने के लिए लाभुकों को विस्तार से बताया । उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना अंतर्गत सरकार नए एवं पुराने खाद्य प्रसंस्करण इकाई में लगाने के लिए 35 प्रतिशत अनुदान पर लोन दे रही है। इस योजना के तहत ब्रेड, चिप्स, आचार, नमकीन, मिक्चर, सत्तू, पनीर, मैगी, मिर्ची पाउडर, चुरा, आइसक्रीम, ड्राई फूड, चना भूजा निर्माण, तेल मिल, मशरूम, लहसून, प्याज, अदरक, पेस्ट, पास्ता निर्माण, धान मिल, घी निर्माण, आटा चक्की उद्योग, गुड़ निर्माण, चॉकलट निर्माण, मसाला टोस्ट, मखाना, तिलकुट, नूडल्स, साबूदाना, कुरकुरे, हल्दी निर्माण समेत 65 प्रकार के खाद्य पदार्थ निर्माण करने के लिए अधिकतम 10 लाख रूपए तक लोन दी जा रही है। बही बताया गया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, ईमेल, मोबाइल नंबर, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, फोटो के साथ जिस स्थल पर उद्योग लगाना है उस जगह का जमीन का रसीद बैंक खाता का 6 माह का डिटेल्स मशीनरी डिटेल्स, राशन कार्ड, बिजली बिल इस सब में से कोई एक कागजात की जरूरत है। इस योजना से लाभ लेने के लिए ऑनलाईन अप्लाई करना है। पीई देविका सिंह, मास्टर ट्रेनर रितेश कुमार और मनीष कुमार, डाटा ऑपरेटर कुमार संभव, सुबोध कुमार, राम कुमार सुमन, जिला प्रखंड पधाधिकारी राजीव रंजन और ब्लॉक वेलफेयर आफिसर आद्या अंजुम भी उपस्थित थी।
