April 21, 2026

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भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक ने लिया फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का लिया जाएजा

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक ने लिया फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का लिया जाएजा

-जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य का 80 % कवरेज
-फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में चल रहा मॉप अप राउंड

समस्तीपुर /5 सितम्बर
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जा रहा है. जिसमें अब तक जिले शहरी एवं 20 प्रखंड के 51,40,930 लक्षित लोगों के विरुद्ध 41,30,930 लोगों (80.4%) को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई है. कार्यक्रम के सघन निगरानी एवं मूल्यांकन को लेकर लेकर भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रवि शंकर सिंह के द्वारा दो दिवसीय निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया. डॉ रवि शंकर सिंह ने खानपुर प्रखंड के शोभन गांव एवं वारिसनगर के रामपुर विशुन गांव का भ्रमण किया। तथा दूसरे दिन गुरुवार को चलाए गए फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का जाएजा जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा कर लिया. समीक्षा के दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि जिले में 10 अगस्त से 24 अगस्त तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के तहत लोगों को घर-घर दवा खिलाए गए। वही 27 से 31 सितंबर तक बूथ स्तर पर लोगों को दवा खिलाई गई। 2 सितंबर से लेकर 10 सितंबर तक मॉप अप राउंड के तहत छूटे हुए लोगों को दवा खिलाई जा रही है।

अभियान के तहत खिलाए गए दवा एवं परिवारों के लोगों से मिलकर लिया फीडबैक :

डॉ. सिंह ने संबंधित गांव के लोगों के परिवारों के साथ मिलकर कार्यक्रम से संबंधित फीडबैक लिया तथा दोनों प्रखंड के विभिन्न घरों में जाकर परिवार पंजी के साथ उन्होंने कार्य का सत्यापन किया। प्रखंड स्तर पर माइक्रो प्लान, ट्रेनिंग प्लान, भ्रमण प्लान और प्रखंड समन्वय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय का भी मूल्यांकन किया। इस दौरान दोनों प्रखंड के कार्यों को देखकर काफी प्रसन्न हुए एवं कार्यों की सराहना किया।

साल में एक बार करना होता है दवा का सेवन :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर विजय कुमार ने बताया ने बताया कि केन्द्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार, फाइलेरिया से बचाव और रोकथाम के लिए साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवाओं अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवरमैकटिन का सेवन पर्याप्त है। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति लगातार 5 वर्षों तक दवाओं का सेवन करता है तो उन्हें आजीवन फाइलेरिया होने की संभावना नहीं रहती है. उन्होंने बताया कि ज्यादा दिनों तक बुखार रहे, पुरुष के जननांग में या महिलाओं के स्तन में दर्द या सूजन रहे और खुजली हो, हाथ-पैर में भी सूजन या दर्द रहे तो यह फाइलेरिया होने के लक्षण हैं। तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

इस मौके पर भीबीडीसी कंसलटेंट संतोष कुमार, भीबीडीएस अमरेंद्र कुमार गुप्ता, पंकज कुमार, पीएचसी खानपुर के प्रभारी चिकित्सा और बीएचएम एवं वारिसनगर के बीसीएम, पिरामल के प्रोग्राम ऑफिसर जयशंकर चौधरी, पीसीआई के रणधीर कुमार, सीफार के अमन कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.

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