April 23, 2026

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फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों को खिलाई गई दवा

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों को खिलाई गई दवा

– स्वास्थ्य विभाग ने 435 से अधिक छात्रों ने खिलाई फाइलेरियारोधी दवा
– सर्वजन दवा का सेवन कर हाथीपाँव से हुए सुरक्षित
– लगातार 5 वर्ष तक दवा सेवन कर हो सकते हैं सुरक्षित

समस्तीपुर , 9 सितम्बर
फाइलेरिया जैसे गम्भीर रोग से बचाव के लिए जिले में सभी स्वस्थ लोगों को आशा व स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में सर्वजन दवा का सेवन कराया जा ऱहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने पॉलिटेक्निक कॉलेज बिभूतिपुर में 435 से अधिक छात्रों एवं 23 कॉलेज कर्मचारियों के बीच फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन के लिए बूथ स्थापित कर डीईसी, अल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन की दवा खिलाई गई. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य न्यूटन कुमार सिंह ने दवा खाकर किया। विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 अगस्त से दवा खिलाई जा रही है इसमें अब अंतिम चरण में छूटे हुए लोगों को मॉप अप राउंड के तहत दवा खिलाई जा रही है. प्रभारी प्राचार्य ने बताया हम लोगों ने फाइलेरिया की दवा खाई है. फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग से बचाव के लिए सभी लोगों को सर्वजन दवा का सेवन कर खुद को सुरक्षित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर दवा सेवन करने को यह टीम फाइलेरिया दवाओं के साथ में हम लोगों के बीच पहुंची। उन्होंने लोगों से अपील किया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए जरूर दवा खाएं. स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा हम लोगों के बीच दवा खिलाने से पहले इस बात की पड़ताल की गई कि दवा खाने वालों में कोई खाली पेट या गंभीर रोग से पीड़ित न हो।

लगातार 5 वर्ष दवा सेवन कर हो सकते हैं सुरक्षित-
भीबीडीएस पंकज कुमार ने बताया कि कॉलेज के छात्रों को इस बात की भी जानकारी दी गई कि लगातार पांच साल तक फाइलेरिया की दवा खाने के बाद किसी के शरीर में फाइलेरिया के कृमि होते भी हैं तो वह समाप्त हो जाते हैं। अगर किसी को हल्का फुल्का साइड इफेक्ट हो तो घबराए नहीं यह स्वतः ठीक हो जाता है।

मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया:
फाइलेरिया एक परजीवी जनित रोग है। जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर पर फाइलेरिया के लक्षण शुरू में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। इसके लक्षण आने में कभी कभी सालों लग जाते है। प्रायः फाइलेरिया मरीजों में बुखार, बदन में खुजली व सूजन की समस्या दिखाई देती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाथीपांव और अंडकोषों की सूजन, फाइलेरिया के लक्षण हैं। फाइलेरिया हो जाने के बाद धीरे-धीरे यह गंभीर रूप लेने लगता है। इससे बचाव के लिए विभाग द्वारा साल में एकबार सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम संचालित किया जाता है।

मौके पर प्रोफेसर डॉक्टर कृष्ण कुमार प्रोफेसर विश्वजीत कुमार, राघवेंद्र प्रताप, इमरान अंसारी, नेहा कुमारी, संदीप कुमार, बीसीएम राहुल कुमार गौरव, आशा फैसिलिटेटर मृदुला कुमारी, आशा गौरी कुमारी, श्वेता कुमारी,निशा,वालंटियर मौसम कुमारी सहित अन्यकर्मी उपस्थित थे.

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