May 7, 2026

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दिव्यदृष्टि आई सेंटर द्वारा लाइव सर्जिकल कार्यशाला का हुआ आयोजन

दिव्यदृष्टि आई सेंटर द्वारा लाइव सर्जिकल कार्यशाला का हुआ आयोजन

पटना। दिव्यदृष्टि आई सेंटर, पटना ने पिछले कई वर्षों की तरह रविवार को एवीआर होटल, खाजपुरा, पटना में फेको एमल्सीफिकेशन, विट्रोरेटिना और कॉन्टूरा विजन लेसिक पर लाइव सर्जिकल कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्घाटन माननीय राज्य गृह मंत्री, नई दिल्ली, नित्यानंद राय ने किया। गंगा राम अस्पताल और विजन आई केयर सेंटर के एचओडी पद्मश्री डॉ. ए के ग्रोवर और कोयंबटूर के आई फाउंडेशन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. डी राममूर्ति द्वारा व्याख्यान और लाइव सर्जरी की गई। उक्त बैठक में बिहार और झारखंड राज्य के 150 से अधिक नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

दिव्यदृष्टि आई सेंटर के निदेशक सह मुख्य परामर्शदाता डॉ. सुभाष प्रसाद ने अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। डॉ. ए के ग्रोवर ने आधुनिक प्रेस्बायोपिया सुधार आईओएल पर बात की और डॉ. डी राममूर्ति ने आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी के परिणामों को बढ़ाने के तरीके पर बात की। दोनों ने चार मरीजों पर ऑपरेशन करके कुछ नई तकनीकों और प्रेस्बायोपिया को सही करने वाले इंट्राओकुलर लेंस प्रत्यारोपण का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हालांकि पहले इंट्राओकुलर लेंस सर्जरी के बाद सभी दूरियों के लिए दृष्टि प्राप्त करना संभव नहीं था, लेकिन नई पीढ़ी के लेंस मोतियाबिंद सर्जरी के बाद सभी दूरियों के लिए दृष्टि प्रदान कर सकते हैं और मरीजों को ज्यादातर समय सभी दृष्टि श्रेणियों के लिए किसी चश्मे की आवश्यकता नहीं होती है। डॉ. डी राममूर्ति ने उच्च अपवर्तक त्रुटि को ठीक करने की सर्जिकल तकनीकों का प्रदर्शन किया। रेटिनल रोगों के तीन मामलों का भी ऑपरेशन किया गया। अतिथि संकायों के अलावा डॉ. रंजन रे, डॉ. सत्यजीत सिन्हा, डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी, डॉ. भोलेश रत्न राय, डॉ. विधाता जैसे नेत्र रोग विशेषज्ञों ने रेटिना और मोतियाबिंद के मामलों का ऑपरेशन किया। दिव्यदृष्टि की सलाहकार डॉ. सोनाली प्रसाद ने हटाने के लिए कंटूरा विजन के बारे में बात की चश्मे का।

माननीय गृह राज्य मंत्री, दिल्ली, श्री नित्यानंद राय ने बिहार के नेत्र रोग विशेषज्ञों को अपडेट रखने के लिए सीएमई और इस प्रकार की कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला ताकि जरूरतमंद रोगियों की सेवा की जा सके।

इस बैठक में पटना और अन्य शहरों के कई नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रो एएसबी सहाय, डॉ. आर के तिवारी, डॉ. शेखर चौधरी, डॉ. के एस गुप्ता, डॉ. एस पी सिन्हा, डॉ. प्रणव रंजन, डॉ. जे जी अग्रवाल, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. बिभूति पी. सिन्हा, डॉ. नीलेश मोहन, डॉ. अजय सिन्हा, डॉ. ज्ञान भास्कर, डॉ. अजीत कुमार पोद्दार, डॉ. सुवेश कुमार, डॉ. अभिषेक रंजन, डॉ. पूजा सिन्हा, डॉ. विशाल किशोर, डॉ. शिवेंद्र सहाय, डॉ. एस.के. पांडे, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. राखी एच सहित अन्य नेत्र रोग विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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