महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि
महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि। (डॉ अजीत ने की मांग :लाल बहादुर शास्त्री की स्वाभाविक मौत या फिर हत्या, उच्च स्तरीय जांच हो ) रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
हाजीपुर (वैशाली)
जय जवान जय किसान की नारा देने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री एवं पूरी दुनिया को सत्य हिंसा का संदेश देने वाले पूज्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जयंती समारोह पतंजलि चिकित्सालय सिनेमा रोड हाजीपुर में स्वामी विवेकानंद सामाजिक शोध संस्थान के तत्वाधान में धूमधाम से मनायी गयी । उन दोनों महापुरुषों का जन्म 02 अक्टूबर को हुआ था । राष्ट्र के प्रति योगदान और समर्पण के लिए 02 अक्टूबर को याद किया जाता है।
जयंती समारोह की अध्यक्षता डॉ .अजीत कुमार भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश के नेता एवं संचालन अमित कुमार वर्मा उर्फ रिंकू जी ने किया।
जयंती समारोह का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि दीनानाथ राय मुख्य वक्ता संजय कुमार अमित कुमार वर्मा अनुज कुमार पांडे एवं राजवीर सिंह सोलंकी ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलित कर किया की।
जयंती समारोह के अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ अजीत कुमार भाजपा नेता ने कहा कि शास्त्री जी की स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि मर्डर हुआ था। शास्त्री जी की मृत्यु 11 जनवरी 1966 को ताशकंद सोवियत संघ में हुआ था ।जहां वे पाकिस्तान के साथ युद्ध के बाद एक शांति समझौता पर हस्ताक्षर करने गए थे। समझौता के 12 घंटे बाद 1:00 बजे रात्रि में उनकी अचानक मौत ने देशभर में गहरी चिंता और सवाल उठाए खड़ी है ।उनकी मौत स्वाभाविक नहीं था। इसके पीछे एक वड़ी साजिश थी। डॉ अजीत कुमार ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की अस्वाभाविक मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी से किया ।
डॉ अजीत कुमार ने यह आरोप लगाया कि उनकी स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि उनकी हत्या की गई थी। 58 के बाद भी शास्त्री जी के रहस्यमयी मौत पर से पर्दा नहीं उठा । यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
14 अक्टूबर 1970 को शास्त्री जी की पत्नी ललिता शास्त्री ने भी हत्या की आशंका अपने एक साक्षात्कार में लगाई थी ।फिर भी न जाने किस कारण से हत्या की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी क्यों नहीं कराई गई क्योंकि उसे समय के कांग्रेस के बड़ी नेता का साजिश इस हत्याकांड में था इसलिए हत्याकांड को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया।
शास्त्री जी की पत्नी के कई आरोपों से साबित होता है कि उनकी हत्या की गई थी ।शास्त्री जी की पत्नी ललिता शास्त्री ने बताई की उनके पूरे शरीर पर नीला उनका पूरा शरीर नीला पड़ गया था ।शरीर पूरा सुजा फुला हुआ था। उनके शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया ?उनकी डायरी गायब कर दी गई जो वे हमेशा साथ रखते थे और अपना स्मरण लिखते थे। उनके पानी पीने वाले थरमस को भी गायब कर दिया गया । शास्त्री जी के पत्नी को पूरा शक था कि थरमस वाले पानी में ही जहर मिलाकर उन्हें दिया गया।
डॉ अजीत कुमार ने बताया कि 18 दिसंबर 1970 को राज नारायण स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार ने भी उनकी हत्या की साजिश का जांच करने की मांग किया था। शास्त्री जी की स्वाभाविक मौत या हत्या 58 वर्षों के बाद भी यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
जयंती समारोह के मुख्य वक्ता संजय कुमार ने कहा कि शास्त्री जी एवं राष्ट्रपिता गांधी जी के जीवनी को आज के युवाओं को आत्मसात करनी चाहिए
जयंती समारोह में दीनानाथ राय अमित कुमार वर्मा संजय कुमार अनुज कुमार पांडे राजवीर सोलंकी अभिषेक कुमार सिंह गौतम कुमार अमित कुमार कुशवाहा डायलिसिस मनीष कुमार राय गौरीशंकर चौरसिया नरेश कुमार एवं गौरव कुमार उर्फ छोटू जी ने पुष्पांजलि कर अपने अपने विचार व्यक्त किये।
समारोह के मुख्य अतिथि दीनानाथ राय ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन सादगी नैतिकता और उच्च आदर्श का प्रतीक रहा है। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया जो देश के रक्षक सैनिक और अन्नदाता किसान के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक कुमार गौरव कुमार उर्फ छोटू गौतम कुमारऔर राजवीर सिंह राठौड़ ने संयुक्त रूप से किया।
