एसएनसीयू में 855 ग्राम का बच्चा हुआ भर्ती, हालत में हो रहा सुधार/रिपोर्ट नसीम रब्बानी
एसएनसीयू में 855 ग्राम का बच्चा हुआ भर्ती, हालत में हो रहा सुधार/रिपोर्ट नसीम रब्बानी

– 10 जुलाई को हुआ था जन्म
– कुपोषण से ग्रसित है बच्चा
मुजफ्फरपुर,13 जुलाई।
सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू में मंगलवार को दोपहर एक कम वजनी नवजात को भर्ती कराया गया। जिसका वजन मात्र 855 ग्राम है। इस संबंध में एसएनसीयू के नोडल डॉ अभिषेक तिवारी ने कहा कि मंगलवार की दोपहर को बोचहां प्रखंड के धर्मपुर गांव की मनीषा देवी के नवजात को भर्ती किया गया। बच्चे का वजन कम होने के साथ वह किसी और तरह की सक्रियता शरीर से नहीं दिखा पा रहा है। नवजात के पिता सुधीर राम ने कहा कि 10 जुलाई को उसके यहां जुड़वा बच्चा पैदा हुआ था। जिसमें एक लड़की और एक लड़का था। कम वजनी होने के कारण एक बच्चा नहीं बच पाया। वहीं एसएनसीयू में भर्ती नवजात का वजन जन्म के समय 1195 ग्राम था। नवजात की मुख्य समस्या कुपोषण की है। हालांकि नवजात का जन्म सामान्य गर्भाकाल में हुआ है।
बोचहां से किया गयाा रेफर
केयर की सीएचसी सोनी राणा ने बताया कि बोचहां में आशा द्वारा गृह भ्रमण के समय बच्चे का पता लगा। जिसपर केयर बीएम की सक्रियता से नवजात को पीएचसी से तत्काल एसएनसीयू रेफर किया गया। जहां उचित चिकित्सकीय देखरेख में उसे रखा गया है। नवजात खुद से सांस ले रहा है। वहीं उसे गर्माहट के लिए वार्मर पर रखा गया है। अभी नवजात की हालत स्थिर है।
जुलाई में 21 बच्चे हुए ठीक
एसएनसीयू डेटा सेंटर की निशा ने कहा कि इस महीने कुल 22 बच्चे भर्ती हुए थे। जिसमें 21 बच्चे ठीक होकर जा चुके हैं। एक बच्चे को बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच रेफर किया गया था। निशा ने बताया कि यहां आने वाले अधिकतर शिशुओं में कम वजनी होने का मामला ही रहता है।
पोषक तत्वों की कमी
डॉ अभिषेक तिवारी कहते हैं कि गर्भावस्था में संतुलित आहार लेना जरूरी होता है। यदि गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) में आप संतुलित आहार नहीं लेती तो इसका सीधा असर शिशु के विकास पर पड़ता है। गर्भ में शिशु के विकसित होने के लिए पौष्टिक आहार लेना आवश्यक होता है।
कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए:
-बार-बार हाथ धोएं,
– हाथ धोने के लिए, साबुन और पानी या एल्कोहल वाला हैंड रब इस्तेमाल करें
-अगर कोई खांस या छींक रहा है, तो उससे उचित दूरी बनाए रखें.
-शारीरिक दूरी बनाना संभव न हो, तो मास्क लगाएं.
-आंखें, नाक या मुंह को न छुएं.
-खांसने या छींकने पर नाक और मुंह को कोहनी या टिश्यू पेपर से ढक लें.
-अगर आप ठीक नहीं महसूस कर रहे हैं, तो घर पर रहें.
-अगर आपको बुखार, खांसी है और सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर के पास जाएं.
