April 22, 2026

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रामानुजन की गणित थ्योरी पूरी दुनिया को ज्ञान की रोशनी प्रदान किया : डॉ अजीत

रामानुजन की गणित थ्योरी पूरी दुनिया को ज्ञान की रोशनी प्रदान किया : डॉ अजीत ।

रिपोर्ट सुधीर मालाकार
हाजीपुर (वैशाली)
महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन आयंगर की 123 वीं जयंती समारोह ” राष्ट्रीय गणित दिवस ” के रूप में स्वामी विवेकानंद सामाजिक शोध संस्थान वैशाली बिहार में गणित के प्रति श्रद्धा और सम्मान साथ गणित शोध संकल्प दिवस के रूप में मनाया।
राष्ट्रीय गणित दिवस समारोह पतंजलि योग समिति सिनेमा रोड हाजीपुर के सभागार में मनाई गई।
समारोह की अध्यक्षता डॉ अजीत कुमार ,विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान विभाग ,देवचंद महाविद्यालय हाजीपुर ने की , जबकि संचालन गणित के प्राध्यापक डॉ संजय कुमार सुमन गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज बगहा ने किया।
गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए डॉ अजीत कुमार ने कहा कि रामानुजन का निधन 32 वर्ष की उम्र में हो गया। अपनी इस छोटी सी उम्र में उन्होंने दुनिया को लगभग 3900 से अधिक गणितीय सूत्र दिए। जो आज भी गणितीय अनुसंधान और प्रौद्योगिकी में इस्तेमाल किया जाता हैं ।उनका सबसे प्रसिद्ध व्यवहारिक उपयोग में आने वाला सूत्र” पाई ” से जुड़ा हुआ है। डॉ कुमार ने बताया कि रामानुजन के गणितीय विश्लेषण ,अनंत श्रृंखला ,,संख्या सिद्धांत तथा निरंतर विभिन्न अंको के लिए आश्चर्यजनक योगदान है। रामानुजन ने अनेक समीकरण व सूत्र भी पेश किये। वे ऐसे विख्यात गणितज्ञ थे, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और गणित की शाखाओं में अविश्वरणीय योगदान दिया। उनके प्रयास एवं योगदान ने गणित को एक नया अर्थ दिया। उनके द्वारा की गई खोज “रामानुजन थीटा ” तथा ” “रामानुजन प्राइम “ने गणित विषय पर आगे की शोध और विकास के लिए दुनियाभर के शोधकर्ताओं को प्रेरित किया।
डॉ कुमार ने उनके अल्प समय में बड़े शोध को मानवता का सबसे बड़ा वरदान बताया। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त किया कि यूरोपीय कंट्री के शिक्षाविद वैज्ञानिकों के साथ-साथ वहां के शासन सत्ता ने रामानुजन के साथ घोर बेईमानी किया ।यदि वे भारतीय ना होकर यूरोपीय कंट्री के होते तो कब को उन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया होता।
श्रीनिवास रामानुजन की 137वीं जयंती समारोह में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए गणित के प्राध्यापक डॉ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि भारत ने गणित के क्षेत्र में दुनिया को बहुत बड़ा योगदान है ।आर्यभट्ट ,वशिष्ठ नारायण सिंह, रामानुजन, भास्कर द्वितीय माधव और नीलकंठ सौम्या जी का विश्व को गणित के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान है। उन्होंने बताया कि श्रीनिवास रामानुजन का गणित में योगदान से हर क्षेत्र में क्रांति ला दिया। उनका योगदान “विभाजन फलक”, मॉक रीटा फलन, इंफिनाईट सम पार्टीशन फंक्शन, फॉर्मूला फॉर इंफिनाईट सीरीज एवं गमा फंक्शन समेत कई महत्वपूर्ण खोज ने गणितीय क्षेत्र को एक नया आयाम दिया।
राष्ट्रीय मैथमेटिक्स दिवस के मुख्य अतिथि डॉ नरेंद्र कुमार सिंह प्राध्यापक रसायन विज्ञान विभाग एसएमएस कॉलेज ने संबोधित करते हुए बताया कि रामानुजन गणितज्ञों का गणितज्ञ और संख्या सिद्धांत पर अद्भुत कार्य के लिए संख्याओं का जादूगर भी कहा जाता है। जिन्होंने खुद से गणित सिखा और जीवन भर में गणित के 3900 थ्योरम का संकलन किया। जिनमें से अधिकांश थ्योरम सही सिद्ध किया जा चुका हैं।
राष्ट्रीय गणित अवसर के पर डॉ अजीत कुमार सिंह डॉ मनोज कुमार सिंह नरेंद्र कुमार सिंह डॉ नितिन कुमार राय प्रोफेसर विजय नारायण प्रोफेसर दिनेश सिंह प्रोफेसर गौतम कुमार सिंहा राजा कुमार सिंह कुशवाहा संजय कुमार सुमन सतीश कुमार सिंह उर्फ गोलू जी ने अपनी अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया और रामानुजन के जीवन पर प्रकाश डालें। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संजय कुमार सुमन ने किया।

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