सोमवती अमावस्या पर सुहागिनों ने पीपल वृक्ष के लगाए 108 फेरे
सोमवती अमावस्या पर सुहागिनों ने पीपल वृक्ष के लगाए 108 फेरे
पंडितों से सुनी शिव पार्वती की कथा और मांगी अमर सुहाग, जगह-जगह पूजन स्थलों पर पीपल के फेरे लगाने के लिए सुहागिनों की जुटीटी भीड़
महुआ। रेणु सिंह
सोमवती अमावस्या पर सुहागिनों ने पीपल वृक्ष के 108 फेरे लगाए और शिव पार्वती की कथा सुन अमर सुहाग की मन्नत मांगी। वर्ष की अंतिम सोमवती अमावस्या को लेकर जगह-जगह पूजन स्थलों पर पीपल वृक्ष के फेरे लगाने के लिए सुहागिनों की भीड़ जुटी।
महुआ के बाया नदी तट कालीघाट पर पीपल वृक्ष के फेरे लगाने के लिए सुबह से ही सुहागिनों की भीड़ उमड़ी जो दोपहर तक रही। सुहागिनों ने बताया कि सोमवार को अमावस्या होने पर पीपल वृक्ष के फेरे लगाने से अमर सुहाग की प्राप्ति होती है। पीपल वृक्ष में देवताओं का वास होता है और उनकी परिक्रमा से सुहाग की रक्षा होती है। सोलहो श्रृंगार से सजी सुहागिनों ने पीपल के फेरे लगाने के बाद सुहागिनों ने एक दूसरे को नाक से लेकर पूरा मांग सिंदूर से भरे और पंडितों से शिव पार्वती की कथा श्रवन किया।
साथ ही पंडितों के श्रृंगार सामग्री दान दिए। इधर महुआ पुराना बाजार, अनुमंडल कार्यालय द्वार, गद्दोपुर, सदापुर, सरसई, दामोदरपुर, मटियारा, पताढ, नारायणपुर, कड़ियों, सेहान, प्रेमराज, पकड़ी, फुलवरिया, सुरतपुर, अब्दुलपुर, कुशहर, हरपुर, छतवारा, निझमा, तरौरा सहित विभिन्न जगहों के पूजन स्थलों पर पीपल के फेरे लगाने के लिए सुहागिनों की भीड़ उमड़ी। यहां अंजना, निशा, पूजा, चांदनी, काजल, रेणु, बबीता, सोनाली, ईशा, प्रियंका, आशा, नीलम, प्रीति, रेखा, सुजाता आदि ने बताया कि सिंपैथी अमावस्या पर पीपल वृक्ष के फेरे लगाने से पति की आयु लंबी होती है। वही कुमारी कन्याओं को उनके मनचाहा वर की मिलता है।
