छात्रों के आग्रह पर 15 वें दिन प्रशांत किशोर ने आमरण अनशन तोड़ा ।
छात्रों के आग्रह पर 15 वें दिन प्रशांत किशोर ने आमरण अनशन तोड़ा ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
पटना ! जन सुराज के संस्थापक प्रणेता प्रशांत किशोर ने गंगा के तट पर सत्याग्रह आश्रम में 15 वें दिन अपना आमरण अनशन तोड़ा ।बताते चले की बिहार में संपन्न हुए 70 में बीपीएससी परीक्षा की धांधली के खिलाफ, पुनः परीक्षा की मांग तथा बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर लाठी चार्ज के खिलाफ पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 2 जनवरी से आरंभ हुई अनशन आज गंगा के तट पर समाप्त हुई। इस आमरण अनशन के दौरान बिहार सरकार ने प्रशांत किशोर पर भी जुल्म जबरदस्ती भी की ।जबरदस्ती उन्हें उठाकर गांधी मैदान से बाहर किया, तब भी वे मेदांता हॉस्पिटल में आमरण अनशन पर थे ।बिहार के हित में लड़ाई को आगे जारी रखने के लिए बीपीएससी छात्रों के विशेष आग्रह पर प्रशांत किशोर ने गंगा के तट पर बने सत्याग्रह आश्रम में पहले गंगा स्नान कर ,हवन किया तत्पश्चात विद्यार्थियों ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तोड़वाया। इस मौके पर उपस्थित हजारों कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अनशन के दौरान यह पता चला कि बिहार की सरकार कितनी संवेदनहीन है, जिसे बिहार की वर्तमान और न ही भविष्य की चिंता है । उन्होंने पत्रकारों से डंके के चोट पर कहा कि बिहार सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के मानसिक जांच होनी चाहिए।चुकी उनकी मानसिक स्थिति बहुत ही खराब है ।वह किसी कार्य को करने के योग्य नहीं है, इसलिए मैं मांग करता हूं कि नीतीश कुमार की बिहार सरकार अपने डॉक्टर से ही मेंटल हेल्थ चेकअप कराए तथा यह और स्पष्ट करें कि उनकी मानसिक स्थिति किस प्रकार की है। बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रशांत किशोर के इस मुहिम को आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
