February 10, 2026

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बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ, वैशाली की एक आपात बैठक आयोजित की गई,

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ, वैशाली की एक आपात बैठक आयोजित की गई,

हाजीपुर: बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ, वैशाली की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें वैशाली जिले के अधिकांश चिकित्सक सम्मिलित हुए। बैठक में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों की जमीनी स्थिति पर गहन चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित समस्याओं को चिन्हित किया गया और इनके शीघ्र समाधान की मांग की गई:

जिले के अधिकांश अस्पताल चिकित्सकों की घोर कमी से जूझ रहे हैं। कई संस्थानों में केवल 2-3 चिकित्सकों के बल पर 24/7 सेवाएं किसी प्रकार चलाई जा रही हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी न केवल रोस्टर के अनुसार सेवाएं दे रहे हैं, बल्कि विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, बैठकों एवं प्रशिक्षणों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

पैरा मेडिकल कर्मियों की भारी कमी के कारण चिकित्सकों पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ जाता है। गंभीर मरीजों के साथ बड़ी संख्या में लोगों के आने से तनावपूर्ण स्थिति बन जाती है, जिसे नियंत्रित करने में पर्याप्त मानव संसाधन की जरूरत होती है।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तक को सुरक्षित सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है। जबकि अन्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों को जिला में आवास आवंटित किए जाते हैं, चिकित्सकों के साथ यह भेदभाव चिंता का विषय है।

एनएचएम की गाइडलाइन्स के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को ग्रामीण भता दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन राज्य में यह भत्ता नहीं दिया जा रहा है।

जहाँ अन्य विभागों में सामान्य प्रशासनिक नियमों के तहत समय पर पदोन्नति दी जाती है, वहीं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को 9 से 20 वर्षों तक मूल पद पर ही कार्य करना पड़ रहा है। इससे चिकित्सकों में भारी असंतोष व्याप्त है।

सरकार लगातार चिकित्सकों पर नये-नये आदेश थोप रही है, लेकिन उनकी सुविधाओं की घोर अनदेखी कर रही है। यहाँ तक कि कई मामलों में बिना विभागीय जांच के ही चिकित्सकों को निलंबित कर दिया जा रहा है, जिससे चिकित्सकों में डर, तनाव और रोष का माहौल बना हुआ है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ, सरकार से यह मांग करता है कि वह चिकित्सकों की मूल एवं व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे और शीघ्र ठोस कदम उठाए। अन्यथा आने वाले दिनों में संघ आंदोलनात्मक मार्ग अपनाने के लिए विवश होगा।

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