बाल विवाह मुक्त भारत अभियान – वैशाली में संकल्प सभा एवं जागरूकता कार्यक्रम
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान – वैशाली में संकल्प सभा एवं जागरूकता कार्यक्रम
वैशाली जिले में लग्न‑मुहूर्त की शहनाइयों के साथ हीं शादी‑विवाह का दौर शुरू हो चुका है। इस अवसर पर, बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से जनसमुदाय में जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है।
स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में “जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन” परियोजना के सहयोग से वैशाली जिले के बसंता‑जहानाबाद महादलित टोले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक *संकल्प सभा‑जागरूकता कार्यक्रम* आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्त्ता सुरेंद्र पासवान ने की, जबकि संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार ने किया।
इस दौरान स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सह परियोजना निदेशक डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत शादी के लिए लड़कों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष निर्धारित है। इस आयु सीमा से नीचे की गई विवाह गैर‑कानूनी और दण्डनीय अपराध है; पकड़े जाने पर जुर्माना व सजा का प्रावधान है।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र संतोष कुमार ने कहा, “बाल विवाह व्यक्तिगत समस्या नहीं, यह सामाजिक बुराई है जो बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सपनों को बाधित करती है।”
इस अवसर पर स्थानीय निवासियों को बाल विवाह के हानिकारक प्रभाव, कानूनी प्रावधान तथा 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा आपातकालीन 112 के माध्यम से रिपोर्टिंग की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अरुण शर्मा,त्रिलोकी सहनी,बिजेंदर पासवान,शिवजी पासवान,कप्पल राय,चिन्ना राय,राजन पासवान,रामचंद्र पासवान,दसई पासवान,अमरनाथ चौरसिया,उपेंद्र पासवान,चंदेश्वर राय,मित्तन साह, विकास कुमार आदि मौजूद थे।
