बाल विवाह से मुक्ति को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत लालगंज प्रखंड के बसंता जहानाबाद पंचायत के नामीडीह में
बाल विवाह से मुक्ति को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया
। कार्यक्रम जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन परियोजना और जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली के तत्वावधान में स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के सामाजिक कार्यकर्त्ता जगदीश सिंह चौहान ने की,जबकि संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार ने किया। इस दौरान स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सह कार्यक्रम निदेशक सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि वैशाली को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करना है। बाल विवाह न केवल बच्चों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उनके अधिकारों और स्वतंत्रता को भी बाधित करता है।अभियान के तहत वैशाली जिले में लोगों के बीच बाल संरक्षण के मुद्दे जैसे बाल विवाह,बाल श्रम,बाल यौन-शोषण एवं बाल- तस्करी के खिलाफ जागरूकता ,बाल पीड़ितों को कानूनी सहायता व बाल विमुक्ति सह पुनर्वास का कार्यक्रम वृहत रूप से चलाए जा रहे हैं।अभियान में संस्थान को पुलिस प्रशासन,जिला प्रशासन के साथ साथ आमजनों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा हैं।समाज के हर वर्ग के सामूहिक प्रयास से इस कुप्रथा को समाप्त करने की कोशिश निरंतर जारी हैं।कार्यक्रम में अधिकार मित्र संतोष कुमार ने कहा की 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना में देश की हर लड़की को सशक्त बनाने और बाल विवाह से आज़ादी को लेकर आगामी 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाने का दृढ़ संकल्प लिया गया है।इस अवसर पर श्रेया कोचिंग के संचालक मोनू सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह अभियान देश के बच्चों के भविष्य को सुदृढ़ और उज्जवल बनाने का एक अच्छा प्रयास है।समाज के हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह इस अभियान का हिस्सा बने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें। कार्यक्रम में सिद्धि कुमारी, मुस्कान,अर्चना,मानवी,सिद्धार्थ, हिमांशु,प्रिया,दीपिका,रौशनी, गौरव,रौनक,शिखा,झुनझुन, ईशानी,गोलू, अंश इत्यादि उपस्थित थे
