वैशाली के देसरी स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की अनदेखी पर सरकार को घेरा
वैशाली के देसरी स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की अनदेखी पर सरकार को घेरा
हाजीपुर के सांसद चिराग पासवान की शक्ति एक सांसद एवं मंत्री की नहीं बल्कि एक नागरिक जैसी : रंजीत पंडित
– आरटीआई कार्यकर्ता ने मोदी सरकार और सांसद सह मंत्री चिराग पासवान पर साधा निशाना
हाजीपुर।
आरटीआई कार्यकर्ता एवं कांग्रेस नेता रंजीत पंडित ने देसरी रेलवे स्टेशन पर तीन ट्रेनों के ठहराव की अनदेखी को लेकर भारतीय रेल और केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में आम दलित तो क्या, दलित मंत्री की भी बात को तरजीह नहीं दी जा रही है। उन्होंने हाजीपुर के सांसद व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि खुद को ‘मोदी का हनुमान’ घोषित किए चिराग अपने संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। हाजीपुर के सांसद चिराग पासवान की शक्ति मोदी सरकार में बढ़ने के बजाए घट जाती है। इस सरकार में उनकी शक्ति एक सांसद एवं मंत्री जैसी नहीं बल्कि एक नागरिक जैसी है। हाजीपुर संसदीय क्षेत्र के लाखों लोगों ने जो वोट दिया, उनका सपना टूट रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी समाजवादी थे, जनता का काम सबसे पहले कराते थे लेकिन उनके धरोहर को चिराग पासवान जी नहीं बचा पा रहे हैं।
रंजीत पंडित ने बताया कि देसरी स्टेशन पर 15279/15280 पुरबिया एक्सप्रेस, 13137/13138 कोलकाता साप्ताहिक एक्सप्रेस और 12505/12506 नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि उनके आरटीआई आवेदन से यह खुलासा हुआ कि सांसद और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर इन ट्रेनों का ठहराव देसरी स्टेशन पर कराने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद रेलवे ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है।
दअरसल केन्द्रीय मंत्री एवं हाजीपुर के सांसद चिराग पासवान ने 29 जुलाई 2024 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिख कर देसरी में पुरबिया, कोलकाता साप्ताहिक एवं नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के ठहराव का अनुरोध किया था। इस संबंध में आरटीआई के जवाब में रेल मंत्रालय ने रंजीत पंडित को बताया कि भारतीय रेलवे को रेलवे प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर अन्य बातों के साथ-साथ शुरुआत, विस्तार, ठहराव आदि के लिए अनुरोध प्राप्त होते हैं। इन अनुरोधों की यथासंभव जांच की जाती है और समय-समय पर व्यवहार्य और उचित पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है।
आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि देसरी और आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों की सुविधा के लिए यह ठहराव बेहद जरूरी है, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर रखा है। उन्होंने कहा कि जब दलित मंत्री की सिफारिश को भी महत्व नहीं दिया जा रहा, तो आम लोगों की समस्याएं कौन सुनेगा।
मौके पर मौजूद रंधीर पासवान ने कहा कि चिराग पासवान, रामविलास पासवान जी के पथ कर्म पर नहीं चल रहे हैं। रामविलास पासवान जिस तरह हाजीपुर का विकास एवं आम लोगों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करते थे, उस तरह चिराग पासवान केन्द्रीय मंत्री रहते हुए नहीं कर पा रहे हैं।
धन्यवाद,
रंजीत पंडित, आरटीआई एक्टिविस्ट एवं कांग्रेस नेता
