अनोखी परंपरा: जहां एक जगह माई दरबार में उपस्थित होकर सभी बनाते हैं प्रसाद
अनोखी परंपरा: जहां एक जगह माई दरबार में उपस्थित होकर सभी बनाते हैं प्रसाद
महुआ। रेणु सिंह
वैशाली जिला के लालगंज प्रखंड अंतर्गत सिरसा रामराय गांव में अनोखी परंपरा है। यहां देवी माई के गहबर परिसर में पूरे ग्रामीण एक साथ सावण मास के अंतिम बुधवार को कुल देवता का पूजन करते हैं।
अनोखी परंपरा तो यह है कि यहां एक साथ अलग-अलग लोग करीब 150 मिट्टी के चूल्हे बैठाक लकड़ी के जलावन से माई का प्रसाद रोट बनाते हैं। इस मौके पर पूरे ग्रामीण महिलाएं हजारों की संख्या में जुटती हैं और अपने-अपने बैठाए गए मिट्टी के चूल्हे पर प्रसाद बनाकर माई को अर्पित करती हैं। बताया गया कि यह परंपरा पूर्वज से ही चली आ रही है। इस मौके पर गांव में आस्था और भक्ति हर लोगों में सिर चढ़कर बोलता है। बुधवार को गांव में दिनभर इस अनोखे त्यौहार को लेकर चहल-पहल बनी रही। वही शाम में महिलाएं दीए जलाकर माई से घर में सुख समृद्धि और लोगों में आपसी प्रेम, भाईचारा, अपनत्व बनाए रखने के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर पर गांव की बेटियां भी ससुराल से मायके पहुंची और पर्व में सहयोग किया।
ग्रामीण बताते हैं कि यहां पर माई के दरबार में मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी की जलपान से रोट बनाया जाता है। यह रोट माई के गहबर में अर्पित कर छोड़ दिया जाता है और दूसरे दिन विनती कर उनसे यह प्रसाद मांग ली जाती है। यह अनोखी और पुरानी परंपरा पूर्वजों से चली आ रही है जो आज भी कायम है। इस पूजन के मौके पर सगे संबंधी भी पहुंचते हैं और सहयोग करते हैं।
