श्री कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में श्री कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसमें श्रीकृष्ण की चैतन्य झांकी का आयोजन किया गया। जिसे देख सभी मंत्र-मुग्ध हो गए। उनकी महाआरती की गई तथा सभी को उनके हस्तों से प्रसाद वितरित कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृष्ण भाई ने कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। किंतु उनके सत्य जीवन परिचय से सभी अनभिज्ञ हैं। वास्तव में श्री कृष्ण इस सृष्टि नाटक के हीरो एक्टर हैं। वे सतयुगी दुनिया के प्रथम महाराजकुमार हैं। वे सृष्टि रचयिता परमपिता परमात्मा की सर्वश्रेष्ठ रचना हैं, सर्वगुण संपन्न, 16 कला संपूर्ण हैं। वो महान देव आत्मा सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग में भिन्न-भिन्न नाम-रूप से अपना पार्ट बजाते-बजाते जब अपने अंतिम जन्म में आते हैं, तो उन्हीं के तन में ज्ञान सागर परमात्मा प्रवेश कर उन्हें सत्य ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा देकर पुनः सतोप्रधान बनाते हैं। उन्हें श्याम-सुंदर कहा जाता है अर्थात् वह आत्मा सतयुग में सुंदर थी, सतोप्रधान थी और वही 84 का चक्र लगाकर कलियुग अंत में श्याम बन जाती है। पुनः वह परमात्मा से शक्ति लेकर अपने सर्वश्रेष्ठ स्वरूप में स्थित होती है, विकारों पर विजय प्राप्त करती है- इसी का यादगार उन्हें सर्प पर डांस करता हुआ दिखाया है। अब पुनः निकट भविष्य में होने वाले महाविनाश के पश्चात् आने वाली सतयुगी दुनिया में उनका पदार्पण होने वाला है। तो आइए, आज हम संकल्प लें- हम भी अपने जीवन को सात्विक एवं सतोप्रधान बनायें। खानपान, आहार-व्यवहार, जीवन को संपूर्ण पावन बनाकर आने वाली श्री कृष्णपुरी में हम भी ऊंच प्रालब्ध की प्राप्ति करें।
सविता बहन ने जन्माष्टमी के अवसर पर आए हुए सभी भाई-बहनों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं प्रदान की।
इस मौक़े पर श्री कृष्ण प्रश्नमंच का भी आयोजन किया गया। इसमें प्रथम पुरस्कार शक्ति बहन, ख़ुशबू बहन; द्वितीय पुरस्कार ओम प्रकाश भाई एवं कन्हैया भाई तथा तृतीय पुरस्कार मंजू बहन एवं संजीव भाई ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश चांदना, सतीश चांदना, चित्रा चांदना, ओम प्रकाश भाई, निर्दोष भाई, गोपाल कृष्ण भाई, राकेश माटा, विनय भाई, वरुण भाई सहित अनेक भाई-बहन उपस्थित थे।
