समुदाय सलाहकार समिति की पहली बैठक का आयोजन सिविल सर्जन वैशाली के सभा कक्ष में किया गया।
समुदाय सलाहकार समिति की पहली बैठक का आयोजन सिविल सर्जन वैशाली के सभा कक्ष में किया गया।
वैशाली जिले में एचआईवी की रोकथाम के लिए उच्च जोखिम समूह के सर्वेक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रोग्रामेटिक मैपिंग और जनसंख्या आकर अनुमान के तहत समुदाय सलाहकार समिति की पहली बैठक का आयोजन सिविल सर्जन वैशाली के सभा कक्ष में सोमवार को किया गया। बैठक का उद्घाटन सीडीओ वैशाली डॉक्टर सीताराम सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने सलाहकार समिति के सदस्यों को बताया कि हम सभी को वैशाली जिले के सभी 16 प्रखंड में मैपिंग का कार्य करना है। इस अवसर पर डॉक्टर सिंह ने बताया कि नाकों के दिशा निर्देश के तहत भारत में महिला एवं पुरूष यौन कर्मी, नशीली दवाओं का इंजेक्शन लेने वाले लोगों, ट्रांसजेंडर एवं यौन कर्मियों के ग्राहक एचआईवी के लिए उच्च जोखिम समूह माने जाते हैं। नाकों समय-समय पर इन समूहों के आकार का आकलन पीएम पीएसई पद्धति से करता है। इस पद्धति के तहत हॉटस्पॉट स्थलों का नक्शा तैयार होता है। जहां उच्च जोखिम समूह के लोग एकत्र होते हैं । यह पद्धति वैश्विक स्तर पर प्रभावी कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए अनुशंसित है। इस अवसर पर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के कार्यक्रम प्रबंधक अजय बरनवाल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मैपिंग के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। बैठक में टी आईं परियोजना के डायरेक्टर सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि वैशाली जिले में कार्यक्रम के तहत उच्च जोखिम समूह के बीच कार्य किया जा रहा है । जिसके तहत उनके बीच एचआईवी टेस्टिंग, गुप्त रोगों की जांच तथा कंडोम का प्रमोशन इत्यादि का कार्य होता है। बैठक में बाल संरक्षण पदाधिकारी अमूल्य कुमार, वैशाली जिला एड्स नियंत्रण समिति अर्पणा कुमारी, कार्यक्रम प्रबंधक बिट्टू कुमार, अनिल कुमार , संजय यादव, संध्या कुमारी , धनंजय कुमार, बेबी देवी, संजू कुमारी, शीला देवी इत्यादि लोगों उपस्थित थे।
