गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सार्थक मुलाक़ात
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सार्थक मुलाक़ात
आज गणेश चतुर्थी के पावन और मंगलमय अवसर पर जामिया के अपने साथी तथा मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के राष्ट्रीय महासचिव, लेखक एवं निर्देशक श्री वागीश सारस्वत एक विशेष मुलाक़ात हुई। यह अवसर केवल मित्रता और आत्मीयता का प्रतीक नहीं था, बल्कि देश और बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा का भी मंच बना।
बातचीत के दौरान हमने वर्तमान राष्ट्रीय राजनीति की दिशा, बिहार की सामाजिक संरचना, युवाओं की चुनौतियों, और आने वाले समय में क्षेत्रीय दलों की भूमिका जैसे कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। श्री वगेश सारवत ने अपने व्यापक अनुभव और राजनीतिक दृष्टिकोण से अनेक अहम पहलुओं को रेखांकित किया, वहीं मैंने भी अपने विचार साझा करते हुए पसमांदा समाज और आम जनता की वास्तविक समस्याओं को केंद्र में रखने की ज़रूरत पर बल दिया।
यह संवाद एक ऐसे समय पर हुआ जब देश में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति की चर्चा बेहद प्रासंगिक है। गणेश चतुर्थी जैसे शुभ पर्व पर इस तरह का वैचारिक आदान-प्रदान न केवल हमारी मित्रता को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के लिए रचनात्मक सोच और बेहतर भविष्य की दिशा भी तय करता है।
