स्तनपान विकल्प नही संकल्प है: सिविल सर्जन/रिपोर्ट नसीम रब्बानी
स्तनपान विकल्प नही संकल्प है: सिविल सर्जन/रिपोर्ट नसीम रब्बानी
– ईआइबीएफ स्टीकर किया गयाा लांच
– छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराएं
सीतामढ़ी, 3 अगस्त ।
जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मंगलवार को सिविल सर्जन महोदय की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण का आयोजन किया गया। पीरामल स्वास्थ्य के डी टी एम रवि रंजन कुमार एवं विजय शंकर पाठक के द्वारा पीपीटी के माध्यम से स्तनपान के महत्त्व, इसके फायदे, कोविद से संक्रमित महिलाओ या बच्चो को स्तनपान कैसे कराया जाये के ऊपर बताया गया।
एसीएमओ डा० रविन्द्र कुमार यादव के द्वारा बताया गया की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर धात्री माँ के लिए स्तनपान कोर्नर बनाना सुनिश्चि करे जिससे अस्पताल आने वाली माताओ को स्तनपान करने में निजता एवं सुरक्षित महसूस करें। साथ ही साथ प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रो के लिए एक डॉक्टर एवं एक नर्स को नोडल नामित किया जाये जिससे जन्म के तुरंत स्तनपान एवं 6 माह तक केवल स्तनपान को बढावा दिया जा सके।
सिविल सर्जन डा० सुरेश चन्द्र लाल, एसीइमओ डा० रविन्द्र कुमार यादव, एनसीडीओ डा० सुनील सिन्हा, डीसीएम समरेन्द्र नारायण पीरामल स्वास्थ्य के डी टी एम रवि रंजन कुमार एवं विजय शंकर पाठक, केयर इंडिया से अनुकृति एवं सभी प्रभारी चितित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक के द्वारा स्तनपान को बढावा देने हेतु एवं अस्पताल को बोतल मुक्त संस्थान घोषित करने हेतु शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया।
जिला स्तरीय उन्मुखीकरण के उपरांत सिविल सर्जन डा० सुरेश चन्द्र लाल, एसीइमओ डा० रबिन्द्र कुमार यादव, एनसीडीओ डा० सुनील सिन्हा, डीसीएम समरेन्द्र नारायण पीरामल स्वास्थ्य के डी टी एम रवि रंजन कुमार एवं विजय शंकर पाठक, केयर इंडिया से अनुकृति एवं सभी प्रभारी चितित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक के द्वारा ईआइबीएफ स्टीकर का लॉन्च किया गया। यह स्टीकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जन्म लेंने उपरांत स्तनपान कराने के बाद एमसीपी कार्ड पर चिपका दिया जायेगा जिससे पता चलेगा की शिशु को जन्म के 1 घंटे के अन्दर दुध पिलाया गया।
तदुपरांत सिविल सर्जन डा० सुरेश चन्द्र लाल, एसीइमओ डा० रबिन्द्र कुमार यादव, एनसीडीओ डा० सुनील सिन्हा, डीसीएम समरेन्द्र नारायण पीरामल स्वास्थ्य के डी टी एम रवि रंजन कुमार एवं विजय शंकर पाठक, केयर इंडिया से अनुकृति एवं सभी प्रभारी चितित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक के द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह हेतु हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई।
स्तनपान से बच्चों को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है एवं उन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है। गौरतलब हो कि 6 माह तक मां का दूध बच्चे की सभी पोषण जरूरतें पूरी करता है। स्तनपान शिशु को दस्त और श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करता है ।
मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है शिशु को निमोनिया तथा अन्य कई रोगों से बचाता है एवं शिशु को आगे जीवन में हो सकने वाले रोगों से खतरे को कम करता है ।शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देता है। मां को प्रसव पश्चात होने वाले खतरों से बचाता है। जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान की शुरुआत एवं छह माह तक सिर्फ मां का दूध पीना चाहिये पानी भी नहीं पीना है।2 साल तक ऊपरी आहार के साथ मां का दूध जारी रखना चाहिये।मां के दूध से ही बच्चे को पानी विटामिन मिनरल कैल्शियम एवं संपूर्ण चीजें मिल जाती है। इसलिए बच्चे को 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराएं पानी की एक बूंद एवं कुछ भी ना पिलाएं।
