अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समारोह आयोजित
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समारोह आयोजित
हाजीपुर, वैशाली: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिविल कोर्ट परिसर हाजीपुर में रविवार को एक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली हर्षित सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश वैशाली मोहम्मद गयासुद्दीन, अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली रितु कुमारी, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदीलाल दास, डॉ रंजन, और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सुधीर कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि देश की आधी आबादी को विकास के पद पर आगे आना होगा। तभी हमारा राष्ट्र विकसित हो सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए संविधान में तमाम तरह के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही साथ उनकी सुरक्षा के लिए अलग से कानून बनाए गए हैं एवं सरकार के द्वारा कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं की तरक्की के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। बच्चियों को शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि वह पढ़ लिखकर आर्थिक रूप से सबल बन सके।
इस अवसर पर वैशाली जिले के वैसे महिलाओं को सम्मानित किया गया जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जिले का नाम रौशन कर रही हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए शहर के जाने-माने चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर साक्षी, खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय खिलाड़ी गोल्ड मेडल प्राप्त अंशा कुमारी, रजनी अलंकार, वैभवी राज सिंह, कला संस्कृति के क्षेत्र में निशि कुमारी, समाज सेवा के क्षेत्र में शालिनी भारती, शिक्षा के क्षेत्र में अर्चना कुमारी, विभा कुमारी, नेहा कुमारी, खुशबू कुमारी, स्काउट एंड गाइड में योगदान के लिए निशि कुमारी, सृष्टि कुमारी, अनुष्का कुमारी, सुहानी कुमारी, इशिका कुमारी, कोमल कुमारी, सलोनी प्रिया, विमला कुमारी, संजू कुमारी समेत विभिन्न क्षेत्रों से 45 लोगों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आगत अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव ऋतु कुमारी ने किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सह जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहा था। जिसका समापन आज किया जा रहा है।
