बाल शोषण के खिलाफ समाज को एकजुट करने का अभियान
बाल शोषण के खिलाफ समाज को एकजुट करने का अभियान
वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड के प्रतापटांड पूर्वी पंचायत में ‘राष्ट्रीय बाल शोषण जागरूकता दिवस’ (National Child Exploitation Awareness Day) के अवसर पर बच्चों के खिलाफ होने वाले शोषण और दुर्व्यवहार के विरुद्ध समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन परियोजना के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया राजेश कुमार उर्फ पिंकू पांडेय ने किया, जबकि संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार ने की। इस दौरान जिले में बाल अधिकारों और इसकी सुरक्षा के लिए कार्य कर रहें स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर डॉ सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष के अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शोषण के शुरुआती संकेतों को पहचानना और समुदाय में “जीरो टॉलरेंस” (शून्य सहनशीलता) की भावना विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि यह दिन बाल शोषण, यौन दुर्व्यवहार, मानव तस्करी और ऑनलाइन ग्रूमिंग के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस अपराध के खिलाफ आवाज उठाने के लिए समर्पित है। आंकड़ों के अनुसार, बाल शोषण के मामले अक्सर रिपोर्ट नहीं किए जाते, जिसके कारण जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस अवसर पर अधिकार मित्र संतोष कुमार ने कहा, “बाल शोषण एक छिपी हुई और विनाशकारी वास्तविकता है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा सुरक्षित वातावरण बनाना है जहाँ हर बच्चा बिना किसी भय के विकसित हो सके। हम सभी से अपील करते हैं कि वे शोषण के संकेतों को पहचानें और इसके खिलाफ आवाज़ उठाएं।”
मौके पर उपस्थित मुखिया पिंकू पाण्डेय ने समाज में व्याप्त कुप्रथा जैसे बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन-शोषण और बाल तस्करी के मामलों में पहल करने और इसे समाप्त करने की दिशा में सभी को एक मंच पर आने की आवश्यकता पर बल दिया। आमजनों से किसी भी बच्चे के शोषण या असुरक्षित होने की आशंका की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सम्पर्क करने की अपील की गईं।
कार्यक्रम में विधिक सेवक चंद्रशेखर कुमार, वार्ड सदस्य उमेश पाण्डेय, सुनिल कुशवाहा, धीरेन्द्र ठाकुर, जवाहर राम, सुनीता देवी, रमिला देवी, चिंता देवी, अंजू देवी, रिंकू देवी, पिंकी देवी, मीना देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
