बिहार में पहली बार वैशाली में चौकीदार-दफादार परेड का आयोजन, विधि-व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
बिहार में पहली बार वैशाली में चौकीदार-दफादार परेड का आयोजन, विधि-व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
रिपोर्ट:चंद्रकांत पाठक, हाजीपुर
वैशाली जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक वैशाली श्री विक्रम सिहाग (भा.पु.से.) के संयुक्त नेतृत्व में वैशाली जिला मुख्यालय में चौकीदार-दफादारों की परेड का आयोजन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि इस प्रकार का चौकीदार परेड कार्यक्रम बिहार में पहली बार वैशाली जिला में आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य चौकीदार बल की उपस्थिति, सत्यापन, अनुशासन एवं कार्यक्षमता का समग्र आकलन करना।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 617 चौकीदार-दफादार की स्वीकृत संख्या के विरुद्ध उनकी वास्तविक उपस्थिति एवं क्षेत्र में सक्रियता का सत्यापन किया जा रहा है। जो कर्मी उपस्थित नहीं हुए हैं, उनका पृथक रूप से सत्यापन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कर्मी वास्तविक रूप से कार्यरत हैं।
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में चौकीदारों को एक संगठित, अनुशासित एवं प्रतिबद्ध बल के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चौकीदार अपने-अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रथम प्रहरी हैं तथा क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखना उनकी मूल जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार के अपराध, भूमि विवाद, मारपीट, साम्प्रदायिक तनाव अथवा विधि-व्यवस्था से संबंधित संभावित घटनाओं की सूचना त्वरित रूप से संबंधित थाना को देना अनिवार्य है।
उन्होंने विशेष रूप से मद्यनिषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में चौकीदारों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिया कि अवैध शराब निर्माण, भंडारण एवं तस्करी से संबंधित किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना दें। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चौकीदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि लगभग 40 चौकीदारों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए हैं, जिनमें अधिकांश मामले मद्यनिषेध से संबंधित हैं।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी चौकीदार अपने-अपने क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर घर-घर की अद्यतन जानकारी रखें। आगामी 17 अप्रैल से प्रस्तावित घर-घर सर्वेक्षण कार्य में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में अवैध गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद सूचना नहीं दी जाती है, तो संबंधित चौकीदार के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
महिला चौकीदारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं को किसी भी रूप में कम न आंकें एवं पुरुषों के समान ही पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की छूट स्वीकार्य नहीं होगी।
पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिहाग ने अपने संबोधन में कहा कि चौकीदार बल पुलिस तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है। इस परेड के माध्यम से उनके अनुशासन, उपस्थिति एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता का मूल्यांकन किया गया है। उन्होंने सभी चौकीदारों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर सूचना संकलन एवं संप्रेषण की प्रक्रिया को सुदृढ़ करें, जिससे अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था संधारण में और अधिक प्रभावशीलता लाई जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित वरीय पदाधिकारियों द्वारा भी चौकीदार-दफादारों को टीम भावना के साथ कार्य करने, नियमित रूप से थाना से समन्वय बनाए रखने तथा जनसंपर्क को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर इस प्रकार के परेड एवं समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि चौकीदार बल को अधिक सक्रिय, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाया जा सके।
