नहाए खाए के साथ लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ शुरू
नहाए खाए के साथ लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ शुरू
महुआ। रेणु सिंह
लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ रविवार को नहाए खाए के साथ शुरू हो गया। प्रथम दिन व्रतियों ने विभिन्न जलाशयों पर पहुंचकर पवित्र स्नान किया और सात्विक भोजन कर महापर्व का अनुष्ठान रखा। महुआ से काफी संख्या में व्रती नारायणी स्नान करने हाजीपुर भी पहुंची। इधर पूजन सामग्रियों की खरीदारी करने के लिए बाजारों में भीड़ हुई।
चैती छठ कम परिवारों में होता है। बावजूद सभी सनातनियों में भक्ति और आस्था परवान चढी है। व्रतियों ने विभिन्न जलाशयों पर पवित्र स्नान कर जल देवता का पूजन किया। इस दौरान उन्होंने सभी देवताओं को साक्षी मान महापर्व का अनुष्ठान रखा। नहा कर सात्विक भोजन में चावल दाल बगैर प्याज और लहसुन के कद्दू की सब्जी के साथ पारण किया। भोर से ही व्रती विभिन्न वाहनों, बाइकों से गीत गाते हुए नारायणी स्नान करने के लिए हाजीपुर पहुंची। इधर महुआ वाया नदी के विभिन्न घाटों के साथ अपने घरों में भी पानी में गंगाजल रखकर व्रत का स्नान किया।
महापर्व का खरना आज:
लोक आस्था का महापर्व चैती छठ के दूसरे दिन सोमवार को व्रती खरना करेंगी। इसके लिए मिट्टी के नए चूल्हे पर आम के जलावन से गुड़ के खीर और रोटी बनाकर नेवज काढेंगी और भगवान को अर्पित कर महाप्रसाद परिजनों को खिलाएंगी साथ ही स्वयं महाप्रसाद ग्रहण कर पूरे 36 घंटे की महा उपवास पर चली जाएंगी।
