बिहार टॉपर सबरीन परवीन की कहानी: गरीबी से टॉप तक का सफर
बिहार टॉपर सबरीन परवीन की कहानी: गरीबी से टॉप तक का सफर
रिपोर्ट:नसीम रब्बानी, बिहार
पटना: बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉप करने वाली सबरीन परवीन की कहानी ने सभी को प्रेरित किया है। महुआ अनुमंडल क्षेत्र के चेहराकला ब्लॉक के छौराही गांव की रहने वाली सबरीन ने 500 में से 492 अंक हासिल कर यह उपलब्धि हासिल की है।
सबरीन के पिता, मोहम्मद शहजाद आलम, एक टायर की दुकान चलाते हैं, और उनकी मां, अंगूरी खातून, एक गृहिणी हैं। सबरीन की सफलता ने उनके परिवार और गांव में खुशी की लहर पैदा कर दी है।
सबरीन ने बताया कि वे रोजाना 10-11 घंटे पढ़ाई करती थीं, और उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया। सबरीन की कहानी अब बिहार के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, खासकर उन छात्रों के लिए जो गरीबी और संसाधनों की कमी के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
सबरीन की सफलता का बिहार के शिक्षा प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उनकी कहानी से यह संदेश मिलता है कि अगर मेहनत और समर्पण के साथ पढ़ाई की जाए, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इससे बिहार के छात्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है, और अधिक से अधिक छात्र शिक्षा को अपने जीवन का लक्ष्य बना सकते हैं।
सबरीन की सफलता से बिहार के शिक्षा विभाग को भी अपने काम में सुधार करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इससे बिहार के शिक्षा प्रणाली में सुधार हो सकता है, और अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सकती है।
बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉप करने वाले अन्य छात्रों में पुष्पांजलि कुमारी, जमुई, और नाहिद सुल्ताना, बेगूसराय शामिल हैं।
