बाल विवाह: एक सामाजिक बुराई
बाल विवाह: एक सामाजिक बुराई
रिपोर्ट:नसीम रब्बानी, बिहार
हाजीपुर में श्रीमद् भागवत कथा के अवसर पर साध्वी कृतिका जी ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है जो बच्चों को शिक्षा से वंचित करती है, उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है, और उनसे उनका बचपन छीन लेती है।
साध्वी ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत हम सभी का उद्देश्य है कि 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाया जाए। इस दिशा में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एवं स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान मिलकर काम कर रही है।
इस अवसर पर जस्ट राइट्स पर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सह सचिव स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान सुधीर कुमार शुक्ला ने साध्वी कृतिका जी का स्वागत बुक एवं अंग वस्त्र के साथ किया।
श्रीमद् भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन हिमांशु शेखर भास्कर सेवानिवृत्ति विकास अधिकारी भारतीय जीवन बीमा निगम हाजीपुर के द्वारा किया गया था।
