“सुप्रीम कोर्ट केस के नाम पर 40 लाख की ठगी का आरोप, अप्रशिक्षित शिक्षकों ने दलाल नेताओं पर दर्ज कराई FIR”
“सुप्रीम कोर्ट केस के नाम पर 40 लाख की ठगी का आरोप, अप्रशिक्षित शिक्षकों ने दलाल नेताओं पर दर्ज कराई FIR”
मधुबनी, 14 अप्रैल 2026: बिहार के हजारों अप्रशिक्षित शिक्षकों ने दलाल शिक्षक नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल करने के नाम पर 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित शिक्षकों ने आरोपियों के खिलाफ नजदीकी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही मुख्यमंत्री जनता दरबार और सचिवालय में भी कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है।
➤ क्या है आरोप: पीड़ित शिक्षकों का आरोप है कि पिछले पांच साल से दलाल शिक्षक नेता उन्हें झूठा आश्वासन दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में केस दायर करने के नाम पर प्रति शिक्षक 18,000 से 40,000 रुपये तक वसूले गए। शिक्षकों का दावा है कि कुछ नेताओं ने तीन साल से यह रकम हड़प कर अपने घर-परिवार का भरण-पोषण किया।
➤ नामजद आरोपी: विज्ञप्ति में दुर्गेश को ‘महान नायक’ और शैलेश शर्मा को ‘खलनायक’ बताते हुए आरोप लगाया गया है कि इन्होंने चार-पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर शिक्षकों का आर्थिक शोषण किया। आरोप है कि केस फाइलिंग, पेमेंट भुगतान और विद्यालय में योगदान कराने के बहाने शिक्षकों से गहना, जेवर, मवेशी, घर का सामान तक बिकवा दिया गया।
➤ शिक्षकों की पीड़ा: पीड़ितों का कहना है कि 20 साल नौकरी करने के बाद भी तीन साल से वेतन बंद है। कई शिक्षक भुखमरी और डिप्रेशन के शिकार हो गए हैं। उनका आरोप है कि तंजीम राजा की टीम के अलावा किसी ने शिक्षकों के हित में काम नहीं किया। कुछ शिक्षक जो आज विद्यालय में कार्यरत हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत का श्रेय तंजीम राजा की टीम को दिया जा रहा है।
➤ आगे की कार्रवाई:अब अप्रशिक्षित शिक्षकों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि ठगी करने वाले सभी लोगों पर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। पीड़ित शिक्षकों ने सरकार से गुहार लगाई है कि आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई हो और उन्हें न्याय मिले।
➤ सरकार पर भी सवाल:विज्ञप्ति में बिहार सरकार और पदाधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि गलत रवैये के कारण अप्रशिक्षित शिक्षक घर से बेघर हो रहे हैं। _”न जाने कितने त्योहार आए-गए, लेकिन इन शिक्षकों को दुख के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ,”_ विज्ञप्ति में कहा गया।
पीड़ित शिक्षकों को उम्मीद है कि बिहार सरकार और कानून व्यवस्था के तहत आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें इंसाफ मिलेगा।
नोट: यह खबर पीड़ित अप्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा जारी विज्ञप्ति के आधार पर है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच का विषय है।
रिपोर्ट: मधुबनी संवाददाता मोहम्मद सालिम आज़ाद
