महुआ में जनगणना प्रशिक्षण संपन्न, गीसंगीत और लोक नाटिका से हुआ समापन
महुआ में जनगणना प्रशिक्षण संपन्न, गीसंगीत और लोक नाटिका से हुआ समापन
BDO सौरभ वर्णवाल बोले- वैशाली प्रजातंत्र की आदि भूमि, गणना को देंगे नया आयाम
महुआ (वैशाली)। संवाददाता रेणु सिंह
महुआ स्थित वैशाली विद्यालय में स्वगणना को लेकर चल रहे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का 12 दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह का आयोजन गीत-संगीत और लोक नाटिका के साथ किया गया, जिसमें प्रशिक्षुओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर सबको आनंदित कर दिया।
कार्यक्रम में जिला कार्यालय से तनुजा प्रिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरभ वर्णवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। BDO सौरभ वर्णवाल ने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की जनगणना का कार्य पूरी तन्मयता और निष्ठा के साथ संपन्न करना है।
उन्होंने कहा, “यह धरती प्रजातंत्र की आदि भूमि है। भगवान महावीर की जन्मस्थली और गौतम बुद्ध की कर्मस्थली रही है। यहीं से पूरी दुनिया को प्रजातंत्र का संदेश दिया गया था। हमें विश्वास है कि इस पावन धरती पर जनगणना के कार्य को भी नया आयाम देंगे।”
BDO ने सभी से आनंदित वातावरण में कार्य करने की नसीहत दी। प्रशिक्षुओं ने भी अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि वे इस कार्य को नई दिशा देंगे।
इस अवसर पर उद्यान पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार, प्रशिक्षक डॉ. रामबालक यादव, डॉ. राम नरेश राय, डॉ. चिरंजीव कुमार, संजय कुमार राय, अजीत कुमार पप्पू, ओमप्रकाश, सुरेश कुमार और नितेश कुमार सहित कई प्रगणक व पर्यवेक्षक उपस्थित थे।
