एक शिक्षक के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता भी जरूरी – प्राचार्या डॉ सविता सिन्हा
एक शिक्षक के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता भी जरूरी – प्राचार्या डॉ सविता सिन्हा
फुलवारी शरीफ (फातमा जहां)
तक्षशिला कॉलेज ऑफ एजुकेशन, हिन्दुनी, फुलवारीशरीफ के बी.एड. के दोनों सत्र के प्रशिक्षुओं ने आज समर्पण स्पेशल स्कूल का शैक्षिक भ्रमण किया।
इस भ्रमण का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, व्यवहार और मनोवैज्ञानिक पक्ष को समझना था। छात्र-शिक्षकों ने स्कूल के शिक्षकों और विशेषज्ञों से इंटरैक्टिव सत्र में भाग लिया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए अपनाई जाने वाली शिक्षण विधियों, थेरेपी और समावेशी शिक्षा के मॉडल को करीब से देखा।
इस मौके पर प्राचार्या डॉ सविता सिन्हा ने बताया कि बी एड के पाठ्यक्रम के अनुसार ऐसे भ्रमण भावी शिक्षकों को समावेशी कक्षा के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा, “एक शिक्षक के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता भी जरूरी है। समर्पण स्कूल का यह अनुभव हमारे प्रशिक्षुओं को जीवन भर काम आएगा।”
डायरेक्टर इकबाल अहसन ने ऐसे स्कूल भ्रमण को आवश्यक बताया
स्कूल प्रबंधन ने कॉलेज के छात्र-शिक्षकों को विशेष बच्चों के साथ संवाद और गतिविधियों में शामिल होने का अवसर दिया। छात्र-शिक्षकों ने भी बच्चों के साथ खेल, कला और संगीत गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कॉलेज के फैकल्टी मेंबर्स और समर्पण स्पेशल स्कूल के स्टाफ उपस्थित रहे।
