April 22, 2026

NR INDIA NEWS

News for all

बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन जरूरी, राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन जरूरी, राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

• चार दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 38 जिलों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
• बायो-मेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन नहीं होने से पर्यावरण को पहुँचता है नुकसान

पटना/ 19,मार्च: बायो-मेडिकल वेस्ट यानी जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन का उचित प्रबंधन बेहद जरूरी होता है. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में चल रहे जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ। मंगलवार से शुरूआत हुए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के प्रत्येक जिलों से चार प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक जिले के डिस्ट्रिक्ट क्वालिटी कंसलटेंट, जिला योजना समन्वयक एवं दो प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक शामिल हुए।

बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन पर्यावरण को रखता है स्वच्छ:
प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट से होने वाले संभावित खतरों एवं उसके उचित प्रबंधन जैसे- अपशिष्टों का सेग्रिगेशन, कलेक्शन भंडारण एवं परिवहन आदि की जानकारी दी गई। राज्य स्वास्थ्य समिति के सहायक निदेशक, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, पीयूष कुमार चंदन ने बताया कि बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन जरूरी है, इसके सही तरीके से निपटान नही होने से पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है। अगर इसका उचित प्रबंधन ना हो तो मनुष्य के साथ साथ पशु- पक्षीयों के को भी इससे खतरा है । इसलिए जैव चिकित्सा अपशिष्टों को उनके कलर-कोडिंग के अनुसार ही सेग्रिगेशन किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण ही एक मुख्य माध्यम है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों का अवगत होना जरूरी है। वहीं प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति के मैटर्नल हेल्थ की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सरिता, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के जी. के मंडल, केअर इंडिया से डॉ. गुरिंदर ने भी प्रतिभागियों को विषय पर विस्तृत जानकारी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.