PNB को मिली बड़ी सफलता. ED पंजाब नेशनल बैंक को लौटाएगा भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी की जब्त संपत्तियां/रिपोर्ट आदित्य कुमार सिंह
PNB को मिली बड़ी सफलता. ED पंजाब नेशनल बैंक को लौटाएगा भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी की जब्त संपत्तियां
20 August 2021
मुंबई. पंजाब नेशनल बैंक के साथ 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी (PNB Scam) के मामले में मुख्य आरोपी भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के मामले में बड़ी सफलता मिली है.
दरअसल, मुंबई की एक विशेष अदालत (Special Court) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जब्त की गई नीरव मोदी की 440 करोड़ रुपये की संपत्ति पीएनबी को लौटाने की मंजूरी दे दी है. बता दें कि नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पीएनबी से धोखाधड़ी करके क्रेडिट सुविधा हासिल करके 14,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है.
पीएनबी ने संपत्तियां लौटाने के लिए किए कई आवेदन
पीएनबी ने जुलाई 2021 में कई आवेदन देकर उन संपत्तियों को लौटाने की मांग की थी, जो नीरव मोदी की दो कंपनियों फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (FDIPL) और फायरस्टार इंटरनेशनल (FIL) को क्रेडिट सुविधा देने के लिए बैंक के पास गिरवी रखी गई थीं. बैंक ने व्यक्तिगत वादी के साथ ही पीएनबी कंसोर्टियम के प्रमुख बैंक और यूबीआई कंसोर्टियम के अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर आवेदन दाखिल किए थे. अदालत ने संपत्ति दिए जाने के अनुरोध वाली दो याचिकाओं को स्वीकार किया था, जिनमें 108.3 करोड़ रुपये की एफआईएल और 331.6 करोड़ रुपये वाली एफडीआईपीएल शामिल है.
पीएनबी ने ईडी की जब्ती कार्रवाई का किया था विरोध
मनी लॉन्ड्रिंग कोर्ट के विशेष न्यायाधीश वीसी बार्डे ने कहा कि याचिकाकर्ता यानी बैंक को हुए नुकसान को कर्ज वसूली अधिकरण (DRT) ने स्वीकार किया है, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है. बता दें कि ईडी ने जांच के दौरान नीरव मोदी की कई संपत्तियों को जब्त कर लिया था, जो उसने परिवार के सदस्यों और दोनों कंपनियों के जरिये हासिल की थी. कई संपत्तियां नीरव मोदी के दिसंबर 2019 को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने के बाद जब्त की गई थीं. बैंक और कर्ज देने वाले बैंकों के समूह ने इन संपत्तियों को जब्त करने का विरोध किया था. बैंक का कहना था कि नीरव मोदी और चौकसी ने समझौता पत्र लेने के लिए इन संपत्तियों को उनके पास गिरवी रखा था. कोर्ट ने पीएनबी को यह लिखित में देने को कहा है कि अगर भविष्य में उन्हें संपत्तियां या उसका मूल्य लौटाने के निर्देश दिए जाते हैं तो वे उसे लौटा देंगे
