जिले के मजदूर, किसान,पशुपालक वैश्विक कोविड-19 के कहर से उबरे ही थै कि यास तुफान एवं बाढ़ ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया/रिपोर्ट नसीम रब्बानी
हाजीपुर। वैशाली जिले के अधिकांश इलाकों में बाढ़ के पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
जिले के मजदूर, किसान,पशुपालक वैश्विक कोविड-19 के कहर से उबरे ही थै कि यास तुफान एवं बाढ़ ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया जिससे प्रभावित क्षेत्रों में भयंकर समस्याओं से त्राहिमाम की स्थिति है। वैशाली जिला अंतर्गत बिदुपुर प्रखण्ड क्षेत्र के पांच पंचायत पूर्व से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित हैं तथा सहदुल्लहपुर धोबौली पंचायत सहित अन्य पंचायतों में भी बाढ़ के पानी आने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पूर्व घोषित पांच पंचायतों के पशुपालकों को मवेशी चारा के नाम पर एक बार मांग से काफी कम मात्रा में चारा उपलब्ध कराया गया था। वहीं अन्य प्रभावित एवं आंशिक रूप से प्रभावित पंचायतों के पशुपालकों की सुधि लेने कोई भी पदाधिकारी नहीं आए। बाढ़ प्रभावित हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को दूर करने को तत्पर एनडीए कैबिनेट मंत्री सह स्थानीय सांसद पशुपति कुमार पारस जी को भी जिला प्रशासन ने सही स्थिति से अवगत नहीं कराया। भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचन,पशु चारा सहित कई अन्य जरूरी सुविधाएं जिला प्रशासन के माध्यम से उपलब्ध कराती है परन्तु कुछ अधिकारी सरकार को बदनाम करने की नियत से वस्तु स्थिति से अवगत कराने के बदले गलत जानकारी देकर आम लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का कार्य करते हैं जिसके संबंध माननीय मुख्यमंत्री बिहार नीतीश कुमार जी,उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी एवं केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार सह स्थानीय सांसद पशुपति कुमार पारस जी को लिखित में विस्तृत जानकारी दिया गया है। जिसपर त्वरित संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने मुख्य सचिव को अग्रीम कार्रवाई करने को दिया है।
