शिक्षक समाज का नि: स्वार्थ निर्माण कर्ता है। एजाज आदिल रिपोर्ट आदिल शाहपुरी
वैशाली जिला उर्दू टीचर्स एसोसिएट्स वैशाली के महा सचिव डॉ जाकिर हुसैन एवं जिला इकाई सदस्य एजाज आदिल शाहपुरी ने सामूहिक रूप से गत दिनों शिक्षक दिवस के मौके पर अन्जुमन फलाहु मुस्लेमीन हाजीपुर में शिक्षकों से सम्बोधित करते हुए कहा कि” शिक्षक समाज का नि : स्वार्थ निर्माण कर्ता है ” समाज को नौनिहालों को सही दिशा देने के लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए कि जबतक समाज के बच्चे शिक्षित नहीं होंगे तब तक समाज नहीं चमकेगी । भारत के मशहूर साइंसटिक ए० पी० जे० डाक्टर अब्दुल कलाम का कथन है कि “अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो पहले सूरज की तरह जलना सीखें । उन्होंने खुद से कहा कि शिक्षक हमारे सूरज की तरह जलते हैं और अपने छात्रों को चमकाने और सही दिशा देने में अपना खून पसीना एक करते रहते हैं । क्योंकि हमारे बच्चे अच्छे शहरी बनेंगे, तो हमारे उद्देश्य की प्राप्ति होगी। अपने लक्ष्य को प्राप्त करना हमारा उद्देश्य है।यह आपको अपने सपनों और इच्छाओं पर केन्द्रित रहने में मदद करेगा। जितना अधिक आप अपने सपनों और लक्ष्यों की प्राप्ति चाहेंगे। उतना ही आप अपने अवचेतन मन को उनके साथ जुड़ने में मदद देंगे।एक बार जब आप का अवचेतन मन प्रभावित हो जाता है और उन लक्ष्यों से जुड़ जाता है,तब वह आप को अपने जीवन में उन्हें प्रकट करने के लिए आवश्यक ऊर्जा देना शुरु कर देता है।आप अपनी सफलताओं के बारे में सोच कर आप एक विजेता की तरह महसूस करते है आप ने जो हासिल किया और जो अच्छा हुआ उस पर ध्यान केंद्रित करना आपके पुरे दृष्टि कोण को बढ़ा सकता है। आपके अतीत को याद करने के तरीके को सकारात्मक रूप से बदल सकते हैं । यह भविष्य में और अधिक उपलब्धियों के लिए कड़ी मेहनत कर ने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा पुरानी आदतों को तब तक छोड़ना मुश्किल है,जब तक कि उन्हें कुछ नए और बेहतर रुप में न बदल दिया जाए। अपने आप को यह याद दिलाते रहना कि आप कैसा महसूस करना चाहते हैं,यह आदत भी आप को उन तरीकों को अपनी जीवनशैली में शामिल करने के लिए प्रेरित करती रहती है। शिक्षक को अपने लक्ष्य की प्राप्ति में प्रयत्नशील रहना चाहिए। इसलिए कि ना उम्मीदी कुफ्र के बराबर है